कुंदन कुमार/पटना/नालंदा। पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव ने राज्य में बढ़ते पुलिसिया दमन और कथित मनमानी के खिलाफ आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। उन्होंने साफ तौर पर कहा है कि यदि बिहार में पुलिस की कार्यशैली नहीं सुधरी और निर्दोषों पर अत्याचार बंद नहीं हुआ, तो वे पूरे बिहार में सड़क पर उतरकर पैदल मार्च करेंगे।

​भारत भूषण तिवारी ‘एनकाउंटर’ और नगरनौसा कांड पर सवाल

​सांसद ने भारत भूषण तिवारी के एनकाउंटर मामले को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने इस घटना को पूरी तरह संदिग्ध करार दिया है। इसके साथ ही, नालंदा जिले के नगरनौसा में पुलिस द्वारा ग्रामीणों पर की गई बर्बरता का मुद्दा उठाते हुए पप्पू यादव ने कहा कि पुलिस ने लाठियों से न सिर्फ दर्जनों लोगों को घायल किया, बल्कि महिलाओं और छोटे बच्चों को भी नहीं बख्शा। उन्होंने सवाल किया आखिर राज्य में यह क्या हो रहा है? सरकार यह सब क्यों करवा रही है? पुलिस किस अधिकार के तहत आम जनता के साथ अपराधियों जैसा व्यवहार कर रही है?

​थानेदार की बर्खास्तगी और आंदोलन की चेतावनी

​पप्पू यादव ने अपनी मांगों को स्पष्ट करते हुए कहा कि नगरनौसा थाना प्रभारी को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त किया जाना चाहिए और उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो वे चुप नहीं बैठेंगे।
​सांसद ने घोषणा की है कि वे नगरनौसा से लेकर नालंदा तक और जमानिया से लेकर बक्सर तक पदयात्रा करेंगे। यह आंदोलन केवल एक क्षेत्र तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसका विस्तार पूरे बिहार में होगा। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि पुलिस का जंगलराज और सरकार की चुप्पी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
​यह पहली बार नहीं है जब पप्पू यादव ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं लेकिन इस बार उनका तेवर काफी आक्रामक है। उन्होंने सरकार को चेतावनी दी है कि यदि पुलिस की तानाशाही नहीं रुकी तो बिहार की सड़कों पर जन आंदोलन की लहर दौड़ पड़ेगी। अब देखना यह है कि राज्य सरकार इस मामले पर क्या रुख अपनाती है और क्या नगरनौसा थाना प्रभारी पर कोई कार्रवाई होती है। पप्पू यादव का यह ऐलान आने वाले दिनों में बिहार की राजनीति में नया उबाल ला सकता है।