वीरेंद्र कुमार, नालंदा। जिले के राजगीर में हुई दो युवकों की मौत के मामले ने नया मोड़ ले लिया है। मृतक पिंटू पासवान और श्रवण पासवान के परिजनों ने दावा किया है कि यह सामान्य मॉब लिंचिंग नहीं, बल्कि एक सुनियोजित और बेरहमी से की गई हत्या थी। परिवार का आरोप है कि दोनों युवकों को पकड़कर उनके हाथ-पैर बांधे गए और निर्ममता से पीटा गया।

सोशल मीडिया पर वायरल हुए थे वीडियो

परिजनों का कहना है कि दोनों युवक पहली बार राजगीर घूमने और मलमास मेला देखने गए थे। रास्ता भटकने के बाद वे झुनकीया बाबा क्षेत्र के पास पहुंचे, जहां कथित तौर पर साधु-महंत और अन्य लोगों ने उन्हें पकड़ लिया। आरोप है कि उनके साथ बर्बर मारपीट की गई और उनके पैरों पर चढ़कर हड्डियां तक तोड़ने की कोशिश की गई। परिवार ने दावा किया कि इस घटना से जुड़े वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं।

पप्पू यादव ने परिवारों को दी आर्थिक सहायता

आज रविवार (21 जून) को पूर्णिया सांसद पप्पू यादव पीड़ित परिवार से मिलने गंजपर गांव पहुंचे, जहां उन्होंने परिवार का दुख साझा करते हुए बिहार की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए और कहा कि यदि पीड़ितों को न्याय नहीं मिला तो वे सड़क से लेकर अदालत तक लड़ाई लड़ेंगे। सांसद ने दोनों परिवारों को 25-25 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी। साथ ही एक मृतक की बेटी की शिक्षा और भविष्य में शादी का पूरा खर्च उठाने की घोषणा की।

परिजनों ने की निष्पक्ष जांच की मांग

वहीं, मृतकों के भाई-बहनों ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने सरकार और प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है और कहा कि उन्हें न्याय मिलने तक उनकी लड़ाई जारी रहेगी।

जानें क्या है पूरा मामला?

बता दें कि पूरा मामला बीते 14 जून की रात की है, जब जिले के राजगीर थाना क्षेत्र स्थित झुनकिया बाबा मंदिर के पास चोरी का आरोप लगाते हुए उग्र भीड़ ने दो युवकों को पकड़कर बेरहमी से पिटाई कर दी थी। गंभीर रूप से घायल दोनों युवकों की इलाज के दौरान पटना पीएमसीएच में मौत हो गई। उस समय परिजनों ने बताया था कि दोनों युवक अपने दोस्तों के साथ राजगीर मेला घूमने आए थे। देर रात सूचना मिली कि उन्हें चोरी के आरोप में पकड़कर पीटा जा रहा है।

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