संसद का मानसून सत्र सोमवार से शुरू होने जा रहा है। इससे पहले रविवार शाम होने वाली सर्वदलीय बैठक में सभी दलों के फ्लोर लीडर्स को आमंत्रित किया गया है। खास बात यह है कि तृणमूल कांग्रेस (TMC) से अलग हुए सांसदों को भी बैठक का न्योता मिला है। सुदीप बंदोपाध्याय और काकोली घोष अब नए राजनीतिक समूह नेशनल सिटिज़न पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) का प्रतिनिधित्व करेंगे, जिसे लोकसभा में बदलते राजनीतिक समीकरणों का अहम संकेत माना जा रहा है।

लोकसभा में बदल सकता है संख्या बल

सूत्रों के मुताबिक, लोकसभा सचिवालय जल्द ही TMC से अलग हुए सांसदों को अलग समूह के रूप में मान्यता देने की प्रक्रिया पूरी कर सकता है। वहीं शिवसेना (उद्धव गुट) के कुछ सांसदों के एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल होने के दावों पर भी फैसला संभव है। यदि इन दावों को मंजूरी मिलती है तो लोकसभा में NDA की स्थिति और मजबूत हो सकती है।

महिला आरक्षण और परिसीमन बिल पर सरकार का फोकस

सरकार इस सत्र में महिला आरक्षण और परिसीमन से जुड़े संविधान संशोधन विधेयक को आगे बढ़ाने की तैयारी में है। प्रस्ताव के तहत लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 33% आरक्षण देने के साथ सीटों के परिसीमन और सदन की संख्या बढ़ाने का प्रावधान शामिल है। संविधान संशोधन होने के कारण इस विधेयक के लिए संसद में दो-तिहाई बहुमत जरूरी होगा।

विपक्ष के निशाने पर सरकार

विपक्ष ने मानसून सत्र में NEET पेपर लीक, महंगाई, भ्रष्टाचार, संस्थाओं के दुरुपयोग, विदेश नीति और अयोध्या राम मंदिर चंदा विवाद जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरने की रणनीति बनाई है। कांग्रेस समेत कई विपक्षी दल इन मुद्दों पर सरकार से जवाब मांगेंगे।

कई अहम विधेयकों पर भी रहेगी नजर

सरकार FCRA संशोधन विधेयक, विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक, सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों की संख्या बढ़ाने और वंदे मातरम् के अपमान को दंडनीय अपराध बनाने जैसे प्रस्ताव भी इस सत्र में ला सकती है। मानसून सत्र 13 अगस्त तक चलने की संभावना है और पूरे सत्र के दौरान सत्ता-पक्ष और विपक्ष के बीच राजनीतिक टकराव पर सभी की नजर रहेगी।

Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m