Parshuram Jayanti 2026 : Dharm Desk : भगवान परशुराम की जयंती 19 अप्रैल को मनाई जाती है. उन्हें चिरंजीवी माना गया है, यानी वे आज भी तपस्या में लीन हैं. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार उनका निवास महेंद्र पर्वत माना जाता है. जिसे ओडिशा या तमिलनाडु क्षेत्र से जोड़ा जाता है. कुछ किंवदंतियों के अनुसार, वे कलयुग के अंत में भगवान विष्णु के दसवें अवतार, कल्कि के गुरु बनेंगे और उन्हें शस्त्र विद्या सिखाएंगे. इसलिए, भगवान परशुराम का कोई एक निश्चित भौतिक निवास स्थान नहीं है, लेकिन महेंद्र पर्वत को उनका तपस्या स्थल और निवास माना जाता है. महेंद्र पर्वत की श्रृंखला पूर्वी घाट के रूप में जानी जाती है. जो कलिंग से आरंभ होती है. भगवान परशुराम के अनेक मंदिर है. लेकिन भारत के इन 6 मंदिरों के पीछे अपनी के कथा जुडी है.

परशुराम महादेव मंदिर (राजस्थान)

पाली-राजसमंद सीमा क्षेत्र में अरावली पहाड़ियों के बीच स्थित परशुराम महादेव मंदिर सबसे प्रसिद्ध स्थल है. यह गुफा मंदिर समुद्र तल से लगभग 3600 फीट की ऊंचाई पर हैं. जो अरावली पर्वतमाला की ऊंचाई पर स्थित है. ऐसा माना जाता है कि परशुराम ने स्वयं फरसे से गुफा बनाई और यहीं भगवान शिव की तपस्या की. गुफा में स्थित शिवलिंग पर प्राकृतिक जलधारा निरंतर अभिषेक करती रहती है. गुफा की दीवार पर यहां एक राक्षस की छवी भी अंकित है. ऐसा कहा जाता है कि इस राक्षस का वध भगवान परशुराम ने अपने फरसे से किया था. कहीं-कहीं इस बात का उल्लेख भी मिलता हैं कि मुख्य गुफा मंदिर राजसमंद जिले में है, जबकि कुंड धाम पाली जिले में आता है.

परशुराम मंदिर (निरमंड, हिमाचल प्रदेश)

हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले के निरमंड क्षेत्र का मंदिर भगवान परशुराम की कठोर आज्ञापालन भावना का प्रतीक है. अपनी प्राचीन लकड़ी की वास्तुकला के लिए जाना जाता है. यह स्थान उनकी कठोर आज्ञापालन कथा से जुड़ा है. विशेषकर दशहरा उत्सव के दौरान यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं.

टांगीनाथ धाम (झारखंड)

झारखंड के गुमला जिले का टांगीनाथ धाम भी एक पवित्र स्थान होने के साथ महत्वपूर्ण है. कहा जाता है कि जंहा भगवान परशुराम को प्रसन्न करने के लिए कठोर तप किया था. उन्होंने तपस्या कर अपना फरसा यहीं कि भूमि में गाड़ा दिया था. जिसके अवशेष आज भी दिखते हैं. जो एक पत्थर के नीचे दबादिखाई देता है.

परशुराम मंदिर, चिपलुन (महाराष्ट्र)

महाराष्ट्र के रत्नागिरी जिले में भगवान परशुराम मंदिर चिपलुन स्थित है. जंहा से जुड़ी मान्यता है कि उन्होंने समुद्र से भूमि निकालकर क्षेत्र बसाया था. जिसे परशुराम भूमि भी कहा जाता है. यहां हर वर्ष परशुराम जयंती बड़े धूमधाम से मनाई जाती है.

श्री परशुराम मंदिर, तिरुवनंतपुरम (केरल)

केरल के तिरुवनंतपुरम के तिरुवल्लम में स्थित श्री परशुराम मंदिर दक्षिण भारत में भगवान परशुराम को समर्पित प्रमुख मंदिरों में से एक हैं. यह मंदिर त्रिवेणी संगम के निकट पर बना है. जहां पिंडदान और तर्पण आदि भी होते हैं. इस स्थान का दक्षिण में अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान है.

पुरा महादेव मंदिर, मेरठ (उत्तरप्रदेश)

बालौनी कस्बे के एक छोटे से गांव पुरा में शिव जी का एक प्राचीन मंदिर है. इस स्थान पर भगवान परशुराम ने शिवलिंग स्थापित कर जलाभिषेक किया था. उस स्थान को ‘पुरा महादेव’ कहते हैं. इसे अन्य नाम ‘परशुरामेश्वर’ कहकर भी पुकारा जाता है. जो शिवभक्तों का श्रद्धा का केंद्र है.