चंकी बाजपेयी, इंदौर। शहर के 15वीं बटालियन परिसर के मैदान में नव आरक्षकों का भव्य दीक्षांत समारोह संपन्न हुआ। इस आयोजन के साथ ही पुलिस विभाग को 617 नए जांबांज मिल गए हैं। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मध्य प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (DGP) कैलाश मकवाना शामिल हुए। दीक्षांत परेड के बाद युवा पुलिस जवानों ने अपनी ट्रेनिंग के दौरान सीखे गए हैरतअंगेज और साहसिक करतबों का प्रदर्शन कर कार्यक्रम में मौजूद सभी लोगों को हैरान कर दिया।

DGP कैलाश मकवाना ने ली परेड की सलामी

कड़ी मेहनत और पूर्ण समर्पित देशभक्ति के साथ अपनी कठिन ट्रेनिंग पूरी करने के बाद आरएपीटीसी (RAPTC) और 15वीं वाहिनी के 617 जवानों ने मुख्य मैदान पर कदमताल करते हुए शानदार परेड निकाली। मध्य प्रदेश के डीजीपी कैलाश मकवाना ने परेड की सलामी ली। इस अवसर पर इंदौर के पुलिस कमिश्नर संतोष सिंह सहित पुलिस विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी और जवानों के परिजन मौजूद रहे।

जवानों ने दिखाए जांबाजी के करतब

दीक्षांत समारोह के बाद नव आरक्षकों ने अपनी शक्ति और निडरता का ऐसा प्रदर्शन किया, जिसे देखकर दर्शक दीर्घा में बैठे लोग तालियां बजाने पर मजबूर हो गए। जवानों ने धधकती हुई आग की रिंग के बीच से छलांग लगाकर अपनी जांबाजी दिखाई। अपने हाथों की ताकत का प्रदर्शन करते हुए जवानों ने कुछ ही सेकेंड में मजबूत और कठोर फर्शियों को तोड़कर रख दिया। इसके अलावा जवानों ने ऊंचाई से कूदने और बेहतरीन घुड़सवारी के हैरतअंगेज कारनामे पेश किए जो उनके उच्च स्तरीय प्रशिक्षण को दर्शाते हैं।

इन जिलों में तैनात होंगे नए जवान

डीजीपी कैलाश मकवाना ने मीडिया से चर्चा करते हुए बताया कि ट्रेनिंग पूरी होने के बाद इन 617 जवानों को प्रदेश के विभिन्न जिलों की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए भेजा जाएगा। ये नव आरक्षक मुख्य रूप से भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर, बालाघाट, शिवपुरी और गुना जैसे जिलों में अपनी आमद देंगे और कानून व्यवस्था संभालेंगे।

‘बल की कमी बड़ी चुनौती, साल 2026 में 10,500 भर्तियों की तैयारी’

डीजीपी ने प्रदेश में पुलिस बल की कमी को एक बड़ी चुनौती के रूप में स्वीकार किया। उन्होंने बताया कि विभाग इस कमी को दूर करने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। वर्ष 2025 में प्रदेश में 8,500 आरक्षकों की भर्ती की गई थी।

वर्ष 2026 में इस साल पुलिस विभाग ने शासन से 10,500 नए आरक्षकों की भर्ती की मांग की है। जिसके लिए पत्राचार तेजी से चल रहा है। उम्मीद है कि शासन से जल्द ही इसकी अनुमति मिल जाएगी।

2028 उज्जैन सिंहस्थ का लक्ष्य डीजीपी ने कहा कि साल 2028 में उज्जैन में भव्य ‘सिंहस्थ’ का आयोजन होने वाला है। इस महाकुंभ में सुरक्षा व्यवस्था के लिए भारी मात्रा में पुलिस बल की आवश्यकता होगी, जिसे ध्यान में रखते हुए यह भर्तियां बेहद महत्वपूर्ण हैं।

नक्सलवाद पर भी बोले DGP

बालाघाट और नक्सलवाद से जुड़े मुद्दे पर बात करते हुए DGP कैलाश मकवाना ने एक बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश 11 दिसंबर 2025 को पूरी तरह से नक्सलवाद से मुक्त हो चुका है। हालांकि उन्होंने यह भी साफ किया कि नक्सली पूरी तरह खत्म होने के बाद भी पुलिस की मौजूदगी और सर्च ऑपरेशन लगातार जारी हैं, जिससे भविष्य में ऐसे देशविरोधी तत्व दोबारा सिर न उठा सकें।

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