कुंदन कुमार, पटना। जिले के पाटलिपुत्र जंक्शन से एक शातिर अपराधी को रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। यह आरोपी यात्रियों को बेवकूफ बनाकर और नकली नोटों का बंडल दिखाकर ठगी की वारदातों को अंजाम देता था। आरपीएफ की सतर्कता के कारण एक बड़ा फ्रॉड होने से बच गया और आरोपी को समय रहते सलाखों के पीछे पहुंचा दिया गया।
ऑपरेशन यात्री सुरक्षा के दौरान हुई कार्रवाई
आरपीएफ की टीम इन दिनों यात्रियों की सुरक्षा और सुगम यात्रा सुनिश्चित करने के लिए विशेष अभियान ऑपरेशन यात्री सुरक्षा चला रही है। इसी अभियान के सिलसिले में आरपीएफ के जवान 9 सितंबर की रात पाटलिपुत्र जंक्शन परिसर में गश्त कर रहे थे। रात करीब साढ़े ग्यारह बजे गश्त के दौरान सर्कुलेटिंग एरिया में शौचालय और स्वचालित सीढ़ी के बीच एक युवक संदिग्ध परिस्थितियों में खड़ा नजर आया। पुलिस बल को अपनी ओर आते देख वह हड़बड़ा गया और भागने की कोशिश करने लगा, जिससे जवानों का शक गहरा गया।

ऐसे हुआ शातिर ठग का पर्दाफाश
संदिग्ध आचरण को भांपते हुए सतर्क जवानों ने तुरंत घेराबंदी कर उसे दबोच लिया। पकड़े गए युवक की पहचान 19 वर्षीय कमरे आलम के रूप में हुई, जो मूल रूप से दरभंगा जिले का रहने वाला है। जब जवानों ने उसके पास मौजूद सामान की तलाशी ली, तो उनके होश उड़ गए। उसके बैग से अखबार के टुकड़ों को काले टेप से लपेटकर तैयार किया गया एक नकली नोटों का बंडल बरामद हुआ। ठगों का यह पुराना और शातिर तरीका होता है, जिसमें बंडल के सबसे ऊपर असली नोट चिपका दिया जाता है ताकि दूर से देखने पर वह पूरी गड्डी असली पांच सौ रुपये की लगे। इस नकली गड्डी के अलावा उसके कब्जे से 2500 रुपये नकद भी बरामद किए गए।
यात्रियों को इस तरह बनाता था अपना शिकार
आरपीएफ की पूछताछ में आरोपी कमरे आलम ने कबूल किया कि वह और उसके साथी रेलवे स्टेशनों पर भोले-भाले यात्रियों को अपना निशाना बनाते थे। वह यात्रियों को असली नोटों का बंडल होने का झांसा देकर विश्वास जीतते थे और फिर उन्हें अपने जाल में फंसाकर ठगी करते थे। जंक्शन पर भीड़भाड़ का फायदा उठाकर वह अक्सर ऐसे लोगों की तलाश में रहता था जो सफर के दौरान जल्दी में हों या कम जागरूक दिखते हों।
राजकीय रेल पुलिस को सौंपा गया आरोपी
मामले की गंभीरता को देखते हुए आरपीएफ ने आरोपी युवक को जब्त किए गए सभी सामान और नकली नोटों की गड्डी के साथ राजकीय रेल पुलिस (जीआरपी) थाना पाटलिपुत्र के सुपुर्द कर दिया। इस मामले में पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए मामला दर्ज कर लिया है। आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4) के तहत कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस पूरे प्रकरण की आगे की तफ्तीश उप निरीक्षक शैलेंद्र कुमार सिंह द्वारा की जा रही है ताकि इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों का भी पता लगाया जा सके।



