पटना। राजधानी स्थित अति-संवेदनशील बेउर आदर्श कारागार में शुक्रवार की देर रात भारी पुलिस बल ने अचानक धावा बोल दिया। लगभग 200 पुलिसकर्मियों की टीम ने जब एक साथ जेल के विभिन्न वार्डों और बैरकों में प्रवेश किया, तो कैदियों के बीच अफरा-तफरी मच गई। इस सघन तलाशी अभियान का मुख्य उद्देश्य जेल के भीतर से संचालित होने वाली आपराधिक गतिविधियों पर अंकुश लगाना और सुरक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करना था।
200 जवानों की घेराबंदी और सघन तलाशी
यह विशेष अभियान शुक्रवार रात करीब 11:10 बजे शुरू हुआ। पटना के सिटी एसपी (पश्चिम) भानु प्रताप सिंह के नेतृत्व में पुलिस की टुकड़ियों ने जेल को चारों ओर से घेर लिया। छापेमारी इतनी गोपनीय और अचानक थी कि जेल प्रशासन और बंदियों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। पुलिस ने जेल के चप्पे-चप्पे को खंगाला, जिसमें हाई-सिक्योरिटी वार्ड से लेकर सामान्य बैरक तक शामिल थे। घंटों चली इस प्रक्रिया में पुलिस ने बिस्तर, शौचालयों और दीवारों के कोनों की बारीकी से जांच की।
मोबाइल और संदिग्ध सामान बरामद
तलाशी के दौरान पुलिस को जेल परिसर के भीतर से एक मोबाइल फोन और कुछ अन्य प्रतिबंधित एवं संदिग्ध वस्तुएं बरामद हुई हैं। हालांकि, सुरक्षा कारणों से पुलिस ने अभी बरामद सामानों की पूरी सूची और उनकी प्रकृति का खुलासा नहीं किया है, लेकिन एक मोबाइल का मिलना जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। अधिकारियों का मानना है कि इन उपकरणों का उपयोग जेल के अंदर बैठे अपराधी बाहरी दुनिया में अपने नेटवर्क को सक्रिय रखने और नई वारदातों की योजना बनाने के लिए कर सकते हैं।
अपराध नियंत्रण और अनुशासन पर जोर
सिटी एसपी भानु प्रताप सिंह ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि यह छापेमारी पूरी तरह से योजनाबद्ध तरीके से की गई थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि जेलों में अनुशासन बनाए रखना और अवैध गतिविधियों को रोकना प्रशासन की प्राथमिकता है। बरामद मोबाइल की कॉल डिटेल्स और अन्य वस्तुओं की गहराई से जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इनका उपयोग किन आपराधिक संपर्कों के लिए किया जा रहा था।
सुरक्षा व्यवस्था होगी और भी सख्त
इस घटना के बाद बेउर जेल की सुरक्षा ऑडिट के निर्देश दिए गए हैं। जेल प्रशासन को सख्त चेतावनी दी गई है कि भविष्य में इस तरह की चूक बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आने वाले दिनों में जेल के गेट से लेकर वार्डों तक की निगरानी को और अधिक डिजिटल और सख्त बनाने की योजना है, ताकि प्रतिबंधित सामग्री के प्रवेश पर पूर्ण विराम लगाया जा सके।
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