पटना। राजधानी में कानून व्यवस्था को चुनौती देने वाले अपराधियों पर पुलिस का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है। इसी कड़ी में बुधवार की सुबह पटना पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी। 13 मई को सिक्योरिटी वैन से हुई 27 लाख रुपये की बड़ी लूटकांड में शामिल मुख्य आरोपी अजय पासवान को पुलिस ने एक मुठभेड़ के दौरान मार गिराया (घायल किया)। मसौढ़ी इलाके में हुई इस मुठभेड़ में पुलिस की गोली बदमाश के पैर में लगी जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

​मुठभेड़ की पूरी कहानी

​पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि 13 मई के कैश वैन लूटकांड में शामिल अपराधी मसौढ़ी क्षेत्र में छिपे हुए हैं। सूचना मिलते ही पुलिस की टीम ने इलाके की घेराबंदी शुरू कर दी। खुद को पुलिस से घिरा देख अपराधी अजय पासवान ने भागने की कोशिश की और पुलिस टीम पर दो राउंड फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी अपनी सुरक्षा में गोलियां चलाईं जिसमें से एक गोली अजय पासवान के पैर में लगी और वह मौके पर ही गिर पड़ा।
​इस दौरान पुलिस ने उसके एक अन्य सहयोगी, अजय यादव उर्फ छोटू उर्फ सरवन को भी खदेड़कर मौके से गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए दोनों बदमाशों से पुलिस पूछताछ कर रही है।

​ज्वेलरी शॉप को लूटने की थी तैयारी

​प्रारंभिक जांच और पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, यह गिरोह शांत बैठने के मूड में नहीं था। अजय पासवान और उसके साथियों ने पटना के मसौढ़ी में एक स्वर्ण व्यवसायी को अपना अगला शिकार बनाने की पूरी योजना बना ली थी। घटना के दो दिन पहले से ही अपराधी लगातार उस ज्वेलरी शॉप और व्यवसायी की गतिविधियों की रेकी कर रहे थे। समय रहते पुलिस ने कार्रवाई कर एक और बड़ी आपराधिक घटना को होने से पहले ही रोक दिया।

​पुलिस की बढ़ती सक्रियता

​13 मई की लूट के बाद से ही पटना पुलिस इस गिरोह की तलाश में थी। सीसीटीवी फुटेज और टेक्निकल सर्विलांस के आधार पर अपराधियों की पहचान की गई थी। इस एनकाउंटर के बाद पूरे इलाके में पुलिस बल की तैनाती बढ़ा दी गई है और अन्य फरार साथियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा। फिलहाल, घायल अजय पासवान का इलाज पुलिस की कड़ी निगरानी में चल रहा है।