कुंदन कुमार/ पटना। शहर के सबसे वीआईपी और सुरक्षित माने जाने वाले इलाकों में शुमार ‘पांच देश रत्न मार्ग’ से एक बेहद चौंकाने वाली खबर सामने आई है। यहां राज्य के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का सरकारी आवास स्थित है। इस हाई-सिक्योरिटी जोन के ठीक बाहर विदेशी शराब की 12 खाली बोतलें मिलने से प्रशासन और सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं।

​विपक्ष का हमला, सरकार पर उठ रहे सवाल

​बिहार में पूर्ण शराबबंदी लागू है, जिसके सख्त अनुपालन के दावे प्रशासन द्वारा किए जाते हैं। ऐसे में सत्ता के केंद्र के बिल्कुल करीब शराब की बोतलें मिलना राज्य की सुरक्षा व्यवस्था और शराबबंदी कानून की जमीनी हकीकत पर बड़ा प्रश्नचिह्न लगाता है। इस घटना के सामने आते ही विपक्षी दलों ने सरकार को घेरना शुरू कर दिया है। विपक्ष का आरोप है कि राजधानी के सबसे सुरक्षित इलाके में यदि ऐसी स्थिति है, तो पूरे राज्य में शराबबंदी की क्या स्थिति होगी, इसका अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है।

​मंत्री जमा खान का पलटवार

​विपक्ष के तीखे हमलों के बीच बिहार सरकार के मंत्री जमा खान ने मोर्चा संभाला। उन्होंने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे सरकार को बदनाम करने की एक साजिश करार दिया। मंत्री ने कहा, कुछ लोग जानबूझकर समाज में अशांति फैलाने और सरकार की छवि धूमिल करने के लिए ऐसी हरकतें कर रहे हैं।
​जमा खान ने पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा लागू किए गए शराबबंदी कानून के प्रति प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि पुलिस लगातार मुस्तैद है और कार्रवाई कर रही है। उन्होंने दावा किया कि अब तक पुलिस ने छापेमारी में बड़ी संख्या में शराब तस्करों को पकड़ा है और कई गाड़ियों को जब्त किया है। कानून अपना काम पूरी निष्ठा से कर रहा है।

​इशारों-इशारों में विपक्ष को घेरा

​मंत्री जमा खान ने विपक्ष पर पलटवार करते हुए तंज कसा। उन्होंने बिना किसी का नाम लिए इशारों में कहा कि इसके पीछे कौन लोग हैं, यह जनता और सरकार दोनों अच्छी तरह जानते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस प्रकार की तुच्छ राजनीति से सरकार की नीयत पर असर नहीं पड़ने वाला। बहरहाल, इस घटना ने एक बार फिर बिहार में शराबबंदी के कार्यान्वयन और वीआईपी इलाकों की सुरक्षा व्यवस्था पर बहस छेड़ दी है। अब देखना यह होगा कि पुलिस की जांच में कौन से चेहरे बेनकाब होते हैं।