Rajasthan Crime News: राजस्थान के कोटा से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। बोरखेड़ा इलाके के ऐतिहासिक चंद्रेसल मठ के महंत देवानंद महाराज की हत्या के मामले को पुलिस ने सुलझा लिया है। पिछले 6 दिनों से पुलिस की करीब एक दर्जन टीमें (12 टीमें) दिन-रात कातिलों की तलाश में खाक छान रही थीं। आखिरकार पुलिस ने हत्यारों को दबोच लिया है।

सोते समय चाकुओं से गोदकर उतारा था मौत के घाट
यह वारदात बीते शुक्रवार (5 जून) की देर रात हुई थी। 1300 साल पुराने प्राचीन चंद्रेसल मठ के महंत देवानंद महाराज रोज की तरह अपने कमरे में सो रहे थे। तभी अज्ञात हमलावरों ने कमरे में घुसकर उन पर चाकुओं से ताबड़तोड़ हमला कर दिया।
महंत की बेरहमी से की गई इस हत्या के बाद पूरे राजस्थान के संत समाज और हिंदू संगठनों में भारी आक्रोश फैल गया था। कोटा से लेकर सवाई माधोपुर तक उग्र प्रदर्शन हुए थे, जिसके बाद पुलिस पर आरोपियों को जल्द पकड़ने का भारी दबाव था।
सवाई माधोपुर में हुआ था अंतिम संस्कार, लोगों में था भारी गुस्सा
संत देवानंद महाराज मूल रूप से सवाई माधोपुर के चौथ का बरवाड़ा इलाके के राजमना गांव के रहने वाले थे। उनकी हत्या के बाद पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई थी। सवाई माधोपुर के ढूंढा गांव से जब उनकी अंतिम यात्रा निकाली गई, तो हजारों आंखें नम थीं। चाणक्य दह आश्रम में उनका अंतिम संस्कार किया गया था। इस दौरान संत समाज और ग्रामीणों का गुस्सा चरम पर था, जो लगातार कातिलों को फांसी देने की मांग कर रहे थे।
12 टीमों ने खंगाले साक्ष्य, आज शाम खुलेगा हर राज
वारदात के बाद से ही पुलिस की साख दांव पर लगी थी। आईजी और एसपी के निर्देश पर गठित की गई 12 टीमें लगातार संदिग्धों के ठिकानों पर दबिश दे रही थीं। पुलिस ने मठ के आसपास के सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल टावर डंप डेटा के आधार पर हत्यारों की कड़ियों को जोड़ा।
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