पटना। कोचिंग संस्थानों के बीच उपजे विवाद और फायरिंग मामले ने अब एक गंभीर मोड़ ले लिया है। ज्ञान बिंदु कोचिंग के डायरेक्टर रौशन आनंद की गिरफ्तारी के विरोध में आज पटना में छात्रों का आक्रोश तीसरी बार सड़कों पर दिखा। छात्र रौशन आनंद की रिहाई की मांग को लेकर पटना कॉलेज से कारगिल चौक तक मार्च निकालने की तैयारी में थे, लेकिन प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए उन्हें बीच में ही रोक दिया।

​पुलिस की तैनाती और छात्रों का प्रदर्शन

​छात्रों के उग्र प्रदर्शन को देखते हुए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया और एहतियात के तौर पर वाटर कैनन की गाड़ियों को भी मंगवाया गया। छात्रों का मुख्य तर्क है कि बिना किसी निष्पक्ष जांच समिति के गठन के सीधे गिरफ्तारी करना न्यायसंगत नहीं है। प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि रौशन आनंद निर्दोष हैं और वे घटनास्थल पर मौजूद भी नहीं थे। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार और पुलिस की कार्रवाई पक्षपाती है जिसमें एक को जेल और दूसरे को बेल जैसी स्थिति दिख रही है।

​कोर्ट का रुख: जमानत याचिका और राहत

​इस पूरे मामले में आज न्यायिक प्रक्रिया के दो अलग-अलग पहलू सामने आए:

  • ​रौशन आनंद की बेल खारिज: पटना की अदालत में रौशन आनंद की जमानत याचिका पर सुनवाई हुई, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया है। इससे उनके समर्थकों और छात्रों में काफी नाराजगी है।
  • ​खान सर को गिरफ्तारी से सुरक्षा: दूसरी ओर, फायरिंग मामले में आरोपी बनाए गए खान सर की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए पटना सिविल कोर्ट ने बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने स्पष्ट आदेश दिया है कि अगली सुनवाई (20 जून) तक खान सर के खिलाफ कोई भी कठोर या दबावपूर्ण कार्रवाई न की जाए।

​बचाव पक्ष का तर्क

​सुनवाई के दौरान खान सर के वकील अरविंद कुमार महुआर ने दलील दी कि जिस फायरिंग का जिक्र किया जा रहा है, वह पूरी तरह से आत्मरक्षा में किया गया था। वकील ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी के मन में भय पैदा करना नहीं था, बल्कि हालात को देखते हुए वह कदम उठाना पड़ा।
​फिलहाल छात्र सरकार से इस मामले में हस्तक्षेप की मांग कर रहे हैं ताकि निष्पक्ष जांच हो सके और जो वास्तविक दोषी हैं उन पर कार्रवाई की जा सके। आगामी 20 जून की सुनवाई इस मामले में काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।