पंकज श्रीवास्तव/छपरा। जयप्रकाश विश्वविद्यालय (जेपीयू) का शैक्षणिक परिदृश्य एक बार फिर शर्मसार हुआ है। मंगलवार को विश्वविद्यालय परिसर में उस समय हड़कंप मच गया जब कुलपति प्रोफेसर परमेंद्र कुमार वाजपेई पर एक आक्रोशित छात्र ने मोबिल (गंदा तेल) फेंक दिया। घटना के समय कुलपति जैसे ही अपने कार्यालय पहुंचने के लिए कैंपस में दाखिल हुए छात्र ने उन पर हमला कर दिया।
मांगों को लेकर बढ़ा आक्रोश
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हमलावर छात्र ने कुलपति पर मोबिल फेंकते हुए भ्रष्टाचारी कुलपति मुर्दाबाद और जातिवादी कुलपति मुर्दाबाद के नारे लगाए। छात्र का मुख्य आक्रोश अपनी अंकपत्र (मार्कशीट) की हार्ड कॉपी न मिलने को लेकर था। छात्र का आरोप है कि विश्वविद्यालय प्रशासन की लापरवाही के कारण छात्र-छात्राओं का भविष्य अंधकारमय हो गया है और बार-बार चक्कर काटने के बाद भी उन्हें दस्तावेज नहीं मिल रहे हैं।
दोहराई गई इतिहास की घटना
गौरतलब है कि छपरा स्थित जेपीयू में कुलपति पर मोबिल फेंके जाने की यह पहली घटना नहीं है। इससे पूर्व जगदम महाविद्यालय में तत्कालीन कुलपति दिजेंद्र गुप्ता के साथ भी ऐसी ही घटना घटित हो चुकी है। उस समय विभिन्न छात्र संगठनों ने जिम्मेदारी लेते हुए प्रेस विज्ञप्ति जारी कर अपना समर्थन जताया था लेकिन इस बार स्थिति भिन्न है।
छात्र संगठनों ने बनाई दूरी
इस घटना के बाद विश्वविद्यालय के किसी भी छात्र संगठन ने इसे अपना समर्थन नहीं दिया है। सभी छात्र संगठनों ने एक सुर में इस घटना को निंदनीय करार दिया है। छात्र नेताओं का कहना है कि भले ही विश्वविद्यालय प्रशासन सारण प्रमंडल के गरीब छात्रों के साथ शैक्षणिक अन्याय कर रहा है लेकिन विरोध का तरीका हिंसक नहीं होना चाहिए। लोकतंत्र में अपनी बात रखने के लिए शांतिपूर्ण और संवैधानिक रास्ते उपलब्ध हैं।
पुलिस की कार्रवाई और प्रशासन का रुख
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस प्रशासन तुरंत हरकत में आया। पुलिस पदाधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और विश्वविद्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों से वार्ता की। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ किया जाएगा और दोषी छात्र के खिलाफ कानून के अनुसार त्वरित कार्रवाई की जाएगी। बहरहाल इस घटना ने जेपीयू में व्याप्त शैक्षणिक अराजकता और छात्रों के बढ़ते असंतोष को एक बार फिर केंद्र में ला खड़ा किया है।

