सहरसा। जिले में एक बड़ा रेल हादसा टल गया। पूर्णिया कोर्ट से सहरसा के रास्ते हटिया (रांची) जाने वाली कोसी एक्सप्रेस (18625) बुधवार सुबह एक बड़े खतरे की चपेट में आने से बाल-बाल बच गई। चलती ट्रेन के थर्ड एसी इकोनॉमी कोच (एम-2) में अचानक धुआं भरने और पहिए से आग की लपटें निकलने के बाद यात्रियों में भारी दहशत फैल गई। घटना के दौरान जान बचाने के लिए यात्रियों में भगदड़ मच गई और ट्रेन रुकते ही लोग तेजी से नीचे उतरकर भागने लगे।
गेटमैन की सूझबूझ से टला बड़ा हादसा
यह घटना सोनवर्षा कचहरी और सिमरी बख्तियारपुर रेलवे स्टेशन के बीच की है। ट्रेन जब गति में थी, तब रास्ते में मौजूद फाटक संख्या 19 के सतर्क गेटमैन की नजर ट्रेन के एक कोच के नीचे पड़ी। उसने पहिए से आग की लपटें और कोच के भीतर धुआं निकलते हुए देख तुरंत सिमरी बख्तियारपुर के स्टेशन मास्टर को फोन पर इसकी सूचना दी। गेटमैन की इस तत्परता और सूझबूझ के कारण एक संभावित गंभीर दुर्घटना होने से बच गई।
स्टेशन पर मची चीख-पुकार, यात्रियों ने बचाई जान
जैसे ही ट्रेन सुबह 5:30 बजे सिमरी बख्तियारपुर स्टेशन पर रुकी, कोच में धुआं और बाहर आग देखकर यात्रियों के बीच चीख-पुकार मच गई। घबराए हुए यात्री अपनी जान बचाने के लिए जल्दी से बोगी से बाहर की तरफ भागे। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए स्टेशन पर मौजूद स्टेशन मास्टर, आरपीएफ के जवान, ट्रेन के चालक, सहायक चालक और गार्ड तुरंत मौके पर पहुंचे और अग्निशमन यंत्रों की मदद से आग पर काबू पाने का प्रयास शुरू कर दिया।
दमकल विभाग की टीम ने पाया आग पर पूरी तरह काबू
जब पोर्टेबल उपकरणों से आग नहीं बुझी, तो सुबह 5:35 बजे तुरंत दमकल विभाग को इसकी सूचना दी गई। सूचना मिलने के महज दस मिनट बाद दमकल की गाड़ी मौके पर पहुंच गई और पानी का छिड़काव शुरू कर दिया। कड़ी मशक्कत के बाद सुबह 5:57 बजे आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया। सुरक्षा जांच-पड़ताल पूरी होने के बाद ट्रेन को सुबह 6:13 बजे गंतव्य के लिए रवाना किया गया।
अत्यधिक गर्म होने से लाल हुआ था ब्रेक पैड
मौके पर पहुंचे फायरमैन संतोष कुमार ने जानकारी दी कि सूचना मिलते ही उनकी टीम तुरंत सिमरी बख्तियारपुर स्टेशन पहुंच गई थी। जांच के दौरान पता चला कि बोगी के नीचे लगा ब्रेक पैड अत्यधिक गर्म होने के कारण पूरी तरह लाल हो गया था, जिससे लगातार धुआं और आग निकल रही थी। लगभग आधे घंटे की कड़ी मेहनत के बाद आग को पूरी तरह शांत किया गया। इस संबंध में जब समस्तीपुर रेल मंडल के डीआरएम ज्योति प्रकाश मिश्रा से पक्ष जानने के लिए संपर्क करने का प्रयास किया गया, तो उनका फोन रिसीव नहीं हुआ।
डीआरएम का बयान: मामले की होगी उच्चस्तरीय जांच
घटना के बाद समस्तीपुर रेल मंडल के डीआरएम ज्योति प्रकाश मिश्रा ने बयान देते हुए बताया कि ब्रेक प्रणाली में तकनीकी दिक्कत आने की वजह से ट्रेन के पहिए में आग लगी थी। उन्होंने आश्वस्त किया कि इस पूरे मामले की गंभीरता से जांच करवाई जाएगी और जो भी कर्मचारी या अधिकारी इसमें दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
12 दिन पहले भी मेमू ट्रेन के इंजन में लगी थी आग
रेलवे सुरक्षा को लेकर यह घटना इसलिए भी चिंताजनक है क्योंकि ठीक 12 दिन पहले इसी सिमरी बख्तियारपुर रेलवे स्टेशन पर एक और बड़ा हादसा हो चुका है। उस दौरान समस्तीपुर-सहरसा मेमू ट्रेन (63344) के इंजन में अचानक भयंकर आग लग गई थी। आग की लपटें इतनी विकराल थीं कि देखते ही देखते उसने अगली बोगी को भी अपनी चपेट में ले लिया, जिससे इंजन सहित एक पूरी बोगी जलकर पूरी तरह खाक हो गई थी।


