कुंदन कुमार, पटना। शहर में मंगलवार को दलित संगठनों के बैनर तले आरक्षण बढ़ाओ, संविधान बचाओ आंदोलन के तहत एक विशाल मार्च निकाला गया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तीखी झड़प देखने को मिली। गांधी मैदान से अंबेडकर और गांधी के पोस्टर लेकर लोकभवन की ओर बढ़ रहे प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने जेपी गोलंबर पर ही रोक दिया। मार्च को रोकने के लिए प्रशासन ने भारी बैरिकेडिंग के साथ लोहे की शील्ड और कंटीले तार लगा रखे थे।

​पुलिस के रोके जाने से आक्रोशित प्रदर्शनकारी बैरिकेडिंग पर चढ़ गए और जमकर नारेबाजी करने लगे। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि देश में आज भी दलितों और आदिवासियों पर जाति के आधार पर अत्याचार हो रहे हैं। यहां तक कि उच्च पदों पर आसीन दलित अधिकारियों को भी उनकी जाति के नाम पर प्रताड़ित किया जाता है, जो अत्यंत निंदनीय है।

​आंदोलन के संयोजक अमर आजाद ने कड़े शब्दों में विरोध जताते हुए कहा कि आज भी न्यायपालिका और निजी क्षेत्र में दलितों तथा आदिवासियों के लिए आरक्षण की व्यवस्था नहीं है, जो सामाजिक न्याय के सिद्धांतों के विरुद्ध है। उन्होंने मांग उठाई कि एससी-एसटी आरक्षण का विरोध करने वाले तत्वों पर लगाम लगाई जाए और बिहार में दलित, आदिवासी तथा पिछड़े समाज के हितों को ध्यान में रखते हुए आरक्षण का दायरा बढ़ाकर 65% किया जाए।

​प्रदर्शन के दौरान जो दलितों से टकराएगा, चूर-चूर हो जाएगा और सुप्रीम कोर्ट में आरक्षण लागू करो जैसे नारों से पूरा इलाका गूंज उठा। स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए जेपी गोलंबर और डाकबंगला चौराहे पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं, और पुलिस बल पूरी तरह से मुस्तैद रहकर हालात पर नजर बनाए हुए है।