पटना। राजधानी के एक होटल में छात्रा के साथ हुई कथित छेड़खानी की घटना ने बिहार में महिलाओं की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस मामले को लेकर जन सुराज पार्टी का एक उच्च-स्तरीय प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार को बिहार के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) से मिला। प्रतिनिधिमंडल ने मामले में त्वरित और कठोर कार्रवाई की पुरजोर मांग की है।

​प्रतिनिधिमंडल ने रखी पांच सूत्री मांगें

​जन सुराज के वरिष्ठ नेता और पूर्व विधायक किशोर कुमार मुन्ना तथा प्रदेश उपाध्यक्ष ललन यादव के नेतृत्व में पहुंचे प्रतिनिधिमंडल ने डीजीपी के समक्ष पांच प्रमुख मांगें रखीं। मुख्य रूप से मामले की निष्पक्ष जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) के गठन पर जोर दिया गया। इसके अलावा, होटल प्रबंधन की संदिग्ध भूमिका की गहन जांच, पीड़ित परिवार को सुरक्षा मुहैया कराने और राज्यव्यापी होटल सुरक्षा ऑडिट कराने की मांग प्रमुखता से की गई।

​क्या है पूरा मामला?

​बेगूसराय का एक परिवार अपनी पुत्री को पॉलिटेक्निक परीक्षा दिलाने के लिए पटना आया था। सुरक्षा के मद्देनजर उन्होंने रूपसपुर थाना क्षेत्र स्थित होटल हिडेन विला में कमरा नंबर 103 लिया था। आरोप है कि रात के करीब 12:45 बजे एक अज्ञात युवक कमरे का दरवाजा खोलकर अंदर दाखिल हो गया और छात्रा के साथ छेड़खानी करते हुए उसे जबरदस्ती बाहर ले जाने का प्रयास किया।

​होटल प्रबंधन की भूमिका पर संदेह

​जन सुराज के नेताओं ने होटल मालिक, प्रबंधक और कर्मचारियों की मिलीभगत की आशंका जताई है। ललन यादव ने सवाल उठाया कि सुरक्षा व्यवस्था के बीच आरोपी कमरे तक कैसे पहुंचा और उसे इतनी छूट कैसे मिली? किशोर कुमार मुन्ना ने आरोप लगाया कि होटल मालिक पीड़ित परिवार को डराने और मामले को दबाने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने मांग की कि यदि जांच में होटल परिसर में कोई भी अवैध या अनैतिक गतिविधि पाई जाती है, तो होटल का लाइसेंस तुरंत रद्द किया जाए।

​डीजीपी का आश्वासन और आंदोलन की चेतावनी

​डीजीपी के साथ मुलाकात के बाद किशोर कुमार मुन्ना ने बताया कि डीजीपी ने मामले को व्यक्तिगत निगरानी में लेने का आश्वासन दिया है। पुलिस ने जल्द ही ठोस साक्ष्य एकत्र कर कोर्ट में मजबूत केस पेश करने का भरोसा दिया है। हालांकि, जन सुराज नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो पार्टी सड़क से लेकर सदन तक आंदोलन करने के लिए मजबूर होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिहार में बेटियों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए पूरे राज्य में होटलों और गेस्ट हाउसों का ऑडिट अनिवार्य है।