पटना। शहर में साइबर अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हैं कि अब न्यायपालिका से जुड़े लोग भी उनके निशाने पर हैं। ताजा मामले में, पटना सिविल कोर्ट के एक जज की पत्नी से बिजली बिल बकाया होने का झांसा देकर 55,000 रुपये की ठगी कर ली गई। घटना के बाद पुलिस महकमे में खलबली मच गई है।
APK फाइल का बिछाया जाल
जालसाजों ने अधिकारी बनकर कॉल किया और चेतावनी दी कि बिल जमा न होने पर बिजली काट दी जाएगी। इसके बाद व्हाट्सएप पर एक APK फाइल भेजी गई। जज के बच्चों ने अनजाने में उस फाइल को डाउनलोड कर प्रक्रिया पूरी कर दी, जिसके तुरंत बाद बैंक खाते से पैसे कट गए। साइबर थाने के डीएसपी नीतीश चंद्र धारिया के अनुसार, संबंधित मोबाइल नंबर की जांच की जा रही है।
सिस्टम के दावों की खुली पोल
हैरानी की बात यह है कि साइबर क्राइम यूनिट और बिजली विभाग की हालिया बैठक में सिस्टम को सुरक्षित करने का दावा किया गया था, लेकिन हकीकत इसके उलट है। अकेले अप्रैल माह में अब तक 14 मामले दर्ज हो चुके हैं। पिछले दो वर्षों के आंकड़े डराने वाले हैं; राज्य के 653 उपभोक्ताओं से 9.61 करोड़ रुपये की ठगी हुई है। इसमें पटना 451 मामलों के साथ शीर्ष पर है।
बचाव के लिए जरूरी सावधानियां
साइबर विशेषज्ञों ने जनता को आगाह किया है कि वे इन बातों का विशेष ध्यान रखें:
- किसी भी अनजान व्यक्ति द्वारा भेजी गई APK फाइल कभी न खोलें।
- बिजली विभाग कभी भी फोन पर कनेक्शन काटने की धमकी नहीं देता।
- ठगी होने पर तुरंत 1930 पर कॉल करें या NCRP पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।
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