पटना। शहर में शराबबंदी कानून को ठेंगा दिखाने वाले शराब तस्करों के खिलाफ पुलिस ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई की है। राजधानी के अगमकुआं थाना क्षेत्र में पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी कर भारी मात्रा में विदेशी शराब जब्त की है। यह पूरी कार्रवाई सिटी एसपी पूर्वी परिचय कुमार की निगरानी में की गई, जिसमें पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है।

​गुप्त सूचना पर फ्लैट में दबिश

​पुलिस को रविवार शाम एक विश्वसनीय सूत्र से जानकारी मिली थी कि अगमकुआं थाना अंतर्गत अमरनाथ मंदिर के पास स्थित एक फ्लैट में शराब की बड़ी खेप छिपाकर रखी गई है। सूचना की गंभीरता को देखते हुए सिटी एसपी पूर्वी ने तुरंत एक विशेष टीम का गठन किया। जब पुलिस टीम ने बताए गए ठिकाने पर अचानक छापेमारी की, तो वहां का नजारा देखकर अधिकारी भी दंग रह गए। फ्लैट के भीतर अवैध विदेशी शराब का जखीरा मौजूद था।

​5 लाख की शराब और 437 लीटर का स्टॉक

​तलाशी के दौरान पुलिस ने फ्लैट कुल 437 लीटर विदेशी शराब बरामद की। शराब की बोतलों को इस तरह छिपाया गया था कि सामान्य नजर में किसी को शक न हो। बाजार में इस बरामद शराब की अनुमानित कीमत 5 लाख रुपये से अधिक बताई जा रही है। पुलिस ने न केवल शराब जब्त की, बल्कि मौके से तीन मुख्य तस्करों को भी धर दबोचा। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान विकास कुमार, आदित्य कुमार और राजीव कुमार के रूप में हुई है।

​सप्लाई नेटवर्क को खंगाल रही पुलिस

​प्रारंभिक पूछताछ में यह बात सामने आई है कि ये तीनों आरोपी लंबे समय से इस अवैध कारोबार से जुड़े हुए थे। ये लोग बाहरी राज्यों से शराब मंगवाकर उसे सुरक्षित ठिकानों (सेफ हाउस) पर रखते थे और फिर मांग के अनुसार पटना के अलग-अलग इलाकों में होम डिलीवरी या अन्य माध्यमों से सप्लाई करते थे। पुलिस अब इनके मोबाइल कॉल रिकॉर्ड्स और संपर्कों की जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस गिरोह के तार और कहां-कहां जुड़े हैं।

​पुलिस का सख्त संदेश

​सिटी एसपी पूर्वी परिचय कुमार ने स्पष्ट किया कि बिहार में शराबबंदी को सफल बनाने के लिए पुलिस जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। उन्होंने कहा, “अवैध शराब के धंधे में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। हम इस पूरे सिंडिकेट को ध्वस्त करने की दिशा में काम कर रहे हैं।” फिलहाल तीनों गिरफ्तार आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया जारी है।