पटना: बिहार की राजधानी में यातायात व्यवस्था और मेट्रो प्रोजेक्ट को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। हाल ही में उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील का हवाला देते हुए आम जनता से बस, ऑटो और मेट्रो जैसे सार्वजनिक परिवहन के साधनों का उपयोग करने का आग्रह किया था। हालांकि, सम्राट चौधरी की इस अपील ने कांग्रेस को सरकार पर हमला करने का एक नया मौका दे दिया है। बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मीडिया विभाग के चेयरमैन राजेश राठौड़ ने पटना मेट्रो के निर्माण में हो रही देरी को लेकर एनडीए सरकार पर तीखा प्रहार किया है।
’कछुए से भी धीमी है मेट्रो की चाल’
राजेश राठौड़ ने तंज कसते हुए कहा कि पटना मेट्रो प्रोजेक्ट की वर्तमान गति कछुए से भी ज्यादा धीमी है। उन्होंने आशंका जताई कि जिस रफ्तार से अभी काम चल रहा है, उसे देखते हुए ऐसा लगता है कि यह प्रोजेक्ट पूरा होने में सैकड़ों वर्ष लग जाएंगे। राठौड़ ने आरोप लगाया कि राज्य की एनडीए सरकार की उदासीनता के कारण ही इस महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे के विकास में अनावश्यक विलंब हो रहा है, जिससे जनता को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
सम्राट चौधरी की अपील पर जनता में है ‘आश्चर्य’
कांग्रेस नेता ने कहा कि एक तरफ पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों से आम आदमी त्रस्त है, वहीं दूसरी तरफ मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी लोगों को मेट्रो से चलने की सलाह दे रहे हैं। राठौड़ के अनुसार, जनता इस अपील को पढ़कर आश्चर्यचकित है क्योंकि पटना में अभी मेट्रो सेवा शुरू भी नहीं हुई है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर एनडीए सरकार ने इस प्रोजेक्ट को इतने लंबे समय तक लटका कर क्यों रखा है? कांग्रेस का तर्क है कि जब तक बुनियादी ढांचा तैयार नहीं होगा, तब तक ऐसी अपीलों का कोई औचित्य नहीं रह जाता।
दिल्ली मेट्रो की तर्ज पर कार्य करने की सलाह
बिहार सरकार को सुझाव देते हुए राजेश राठौड़ ने कहा कि पटना मेट्रो के कार्य में तेजी लाने के लिए दिल्ली मेट्रो प्रोजेक्ट को एक आदर्श (मॉडल) के रूप में देखना चाहिए। उन्होंने मांग की कि ई. श्रीधरन जैसे ‘मेट्रो मैन’ की तरह ही किसी तेज-तर्रार और सक्षम अधिकारी की नियुक्ति की जानी चाहिए ताकि प्रोजेक्ट को प्रशासनिक बाधाओं से मुक्त कर समय सीमा के भीतर पूरा किया जा सके। राठौड़ का मानना है कि कुशल नेतृत्व की कमी के कारण पटना मेट्रो का भविष्य अधर में लटका हुआ है।
आर्थिक तंगी और केंद्र से मदद की गुहार
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार के पास फंड की भारी कमी है, जिसके कारण कोई भी विकास परियोजना समय पर पूरी नहीं हो पा रही है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप करने और आवश्यक बजट आवंटित करने की मांग की। राठौड़ ने कटाक्ष करते हुए कहा कि पीएम मोदी चुनाव के दौरान बड़े-बड़े वादे तो करते हैं, लेकिन चुनाव खत्म होते ही बिहार की समस्याओं को नजरअंदाज कर देते हैं। उन्होंने मांग की कि पटनावासियों के हित में केंद्र सरकार को वित्तीय मदद सुनिश्चित करनी चाहिए।

