पटना में आवासीय मकानों के व्यावसायिक इस्तेमाल के खिलाफ नगर निगम ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद निगम प्रशासन एक्शन मोड में आ गया है, जिसकी चपेट में खुद पटना की मेयर सीता साहू भी आ गई हैं। अजीमाबाद अंचल की टीम ने बड़ी पटन देवी गली स्थित उनके आवास पर नोटिस चस्पा कर दिया है।
26 हजार से अधिक मकानों को भेजा जा रहा नोटिस
नगर निगम ने शहर के सभी छह अंचलों में सर्वे कराकर ऐसे आवासीय भवनों की पहचान की है जहां बिना अनुमति व्यावसायिक गतिविधियां चलाई जा रही हैं। निगम ने कुल 26,745 मकान मालिकों को नोटिस भेजने की प्रक्रिया तेज कर दी है। प्रत्येक वार्ड में रोजाना 100 से अधिक नोटिस भेजने का लक्ष्य रखा गया है। अब तक 12 हजार से ज्यादा लोगों को नोटिस मिल चुका है, और आगामी एक हफ्ते में बाकी सभी को भी नोटिस थमा दिए जाएंगे। सबसे अधिक मामले बांकीपुर और कंकड़बाग अंचल में सामने आए हैं।
इन प्रमुख इलाकों में चल रहीं व्यावसायिक गतिविधियां
निगम की जांच में मुसल्लहपुर, बाजार समिति, कंकड़बाग, एसकेपुरी, गुलजारबाग, बड़ी पटन देवी गली, महाराजगंज, एजी कॉलोनी, पाटलिपुत्र कॉलोनी, कृष्णापुरी, लोदीपुर, आशियाना, विजय नगर, मंदिरी, दीदारगंज, गुरुगोविंद सिंह पथ, हरमंदिर गली और मारूफगंज जैसे इलाकों के नाम शामिल हैं। इन आवासीय परिसरों में क्लीनिक, दुकानें और अन्य वाणिज्यिक दफ्तर बेरोकटोक संचालित हो रहे थे, जबकि टैक्स कम दरों वाला आवासीय दिया जा रहा था।
19 अगस्त से शुरू होगी विशेष सुनवाई
निगम के सफाई निरीक्षकों और सुपरवाइजरों द्वारा घर-घर जाकर भौतिक सत्यापन के बाद तैयार यह सूची अंचल कार्यालयों के नोटिस बोर्ड पर भी चस्पा की गई है। नोटिस प्राप्त करने वाले संपत्ति मालिकों को निर्धारित समय के भीतर लिखित जवाब और आवश्यक दस्तावेज जमा करने का निर्देश दिया गया है। दस्तावेजों की समीक्षा और संबंधित पक्षों का पक्ष सुनने के लिए 19 अगस्त से 10 सितंबर तक अंचलवार सुनवाई की जाएगी। यदि जवाब असंतोषजनक पाया जाता है, तो निगम द्वारा सीलिंग और भारी जुर्माने की कार्रवाई की जाएगी।


