पटना। नगर निगम ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए संपत्ति कर (प्रॉपर्टी टैक्स) की वसूली को लेकर बेहद कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। शहर के हजारों संपत्तिधारकों द्वारा लंबे समय से टैक्स न चुकाए जाने के बाद निगम प्रशासन अब आर-पार के मूड में है। बार-बार नोटिस दिए जाने के बावजूद बकाएदारों के कान पर जूं तक नहीं रेंग रही है, जिसके बाद अब सीधे कुर्की-जब्ती जैसी सख्त कानूनी कार्रवाई की तैयारी की जा चुकी है।
65 करोड़ से अधिक का टैक्स बकाया
नगर निगम के आंकड़ों के मुताबिक, पटना शहर के कुल 63,816 संपत्तिधारकों ने लंबे समय से निगम का टैक्स जमा नहीं किया है। इन सभी डिफाल्टरों को मिलाकर निगम का लगभग 65 करोड़ 60 लाख रुपए का भारी-भरकम टैक्स बकाया है। इस बड़ी राशि की वसूली के लिए निगम ने अब कानूनी शिकंजा कसना शुरू कर दिया है।
1 लाख से ऊपर वाले 685 बकायेदारों को अंतिम चेतावनी
निगम ने एक विशेष अभियान चलाकर शहर के ऐसे 685 बड़े बकायेदारों को चिह्नित किया है, जिन पर 1 लाख रुपए से अधिक का संपत्ति कर बकाया है। इन सभी बड़े डिफॉल्टर्स को अंतिम डिमांड नोटिस भेजा जा रहा है। निगम ने साफ चेतावनी दी है कि यह आखिरी मौका है; इसके बाद भी अगर टैक्स जमा नहीं हुआ, तो बिहार नगरपालिका अधिनियम, 2007 की धारा 155 के तहत दंडात्मक कार्रवाई करते हुए संपत्ति की कुर्की-जब्ती की जाएगी। साथ ही, समाज में शर्मिंदगी झेलने के लिए इनके नाम भी सार्वजनिक किए जाएंगे।
छोटे बकायेदारों के लिए कंट्रोल रूम
जिन लोगों पर 5,000 रुपए से अधिक का टैक्स बाकी है, उन्हें भी बख्शा नहीं जा रहा है। निगम मुख्यालय में एक विशेष कंट्रोल रूम बनाया गया है, जिसके माध्यम से ऐसे छोटे और मध्यम बकायेदारों से सीधे संपर्क कर उन्हें जल्द से जल्द भुगतान करने की चेतावनी दी जा रही है।
जल्दी भुगतान पर 5% इंसेंटिव का मौका
कार्रवाई के डर के बीच ईमानदारी से टैक्स भरने वालों के लिए राहत की खबर भी है। सरकार ने लंबित टैक्स के लिए ‘वन टाइम सेटलमेंट’ योजना लागू की है। इसके अलावा, चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में जो भी लोग इस साल का संपत्ति कर एकमुश्त (एडवांस) जमा करेंगे, उन्हें कुल टैक्स राशि पर 5 फीसदी की विशेष छूट दी जाएगी।

