पटना। राजधानी में अपराध और संदिग्ध मौतों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। हाल ही में बुद्धा कॉलोनी थाना अंतर्गत मंदिरी इलाके में राहुल नामक युवक का शव उसकी प्रेमिका के घर मिलने से सनसनी फैल गई। इस घटना के बाद पूर्णिया सांसद पप्पू यादव मंगलवार को पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे। उन्होंने न केवल शोक व्यक्त किया, बल्कि पुलिस की कार्यप्रणाली और बिहार की कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए।

​हत्या को आत्महत्या बताने का आरोप

​पप्पू यादव ने मृतक राहुल के परिजनों से मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत में कहा कि बिहार में आपराधिक घटनाओं को ‘डाइवर्ट’ करना एक ट्रेंड बन गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस इस मामले को रफा-दफा करने की कोशिश कर रही है और इसे आत्महत्या का रूप देने में जुटी है। यादव ने तर्क दिया, “अगर युवक को खुदकुशी ही करनी होती, तो वह कहीं और जाकर मरता। प्रेमिका के घर पर ही उसकी लाश मिलना कई गहरे सवाल खड़े करता है।” उन्होंने मांग की कि इस मामले का स्पीडी ट्रायल हो ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो सके।

​आर्थिक मदद और सुरक्षा की मांग

​परिजनों की दयनीय स्थिति का हवाला देते हुए पप्पू यादव ने कहा कि मृतक के पिता गंभीर रूप से बीमार हैं और घर का इकलौता सहारा चला गया है। उन्होंने राज्य सरकार से पीड़ित परिवार को 20 लाख रुपये का मुआवजा देने की पुरजोर मांग की। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि सरकार का इकबाल खत्म हो चुका है और प्रशासन का डर केवल विपक्ष के नेताओं तक सीमित रह गया है।

​गर्ल्स हॉस्टल की सुरक्षा पर अल्टीमेटम

​मृतक के घर जाने के बाद पप्पू यादव पटना के बोरिंग रोड स्थित गर्ल्स हॉस्टल भी पहुंचे। वहां उन्होंने हॉस्टलों में सुरक्षा और नियमों की अनदेखी पर कड़ा ऐतराज जताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह सभी हॉस्टल मालिकों के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन कुछ की लापरवाही से पूरा सिस्टम बदनाम हो रहा है।
​उन्होंने सरकार और प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा, गर्ल्स हॉस्टल में किसी भी पुरुष, यहां तक कि हॉस्टल मालिक या उसके बेटे के प्रवेश पर भी पाबंदी होनी चाहिए। बच्चियों को मानसिक प्रताड़ना देना बंद किया जाए। यादव ने शिक्षा मंत्री और पटना एसपी से मांग की कि हॉस्टल गाइडलाइंस को सख्ती से लागू किया जाए। उन्होंने अल्टीमेटम दिया कि यदि एक हफ्ते के भीतर स्थिति नहीं सुधरी, तो वह इस मुद्दे को लेकर हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे।