पटना। बिहार की राजधानी में रहने वाले आम आदमी की जेब पर आज महंगाई का एक बड़ा बोझ आ गिरा है। तेल कंपनियों द्वारा ईंधन की दरों में किए गए ताजा बदलाव ने आम जनता को हैरान कर दिया है। इंडियन ऑयल (IOC) द्वारा जारी नए आंकड़ों के अनुसार, पटना में पेट्रोल और डीजल दोनों की कीमतों में 3-3 रुपये प्रति लीटर की सीधी बढ़ोतरी की गई है।
नई कीमतें और रिकॉर्ड स्तर
इस अचानक आए उछाल के बाद, पटना के पेट्रोल पंपों पर नई दरें लागू हो गई हैं। अब यहां एक लीटर पेट्रोल की कीमत ₹109.65 तक पहुंच गई है। वहीं, डीजल भी पीछे नहीं है; इसकी कीमत अब ₹90.67 प्रति लीटर के करीब दर्ज की जा रही है। एक साथ ₹3 की यह वृद्धि पिछले कुछ महीनों में सबसे अधिक बताई जा रही है।
जनजीवन और रसद पर पड़ेगा गहरा असर
ईंधन के दामों में हुई इस बेतहाशा वृद्धि का सीधा असर मध्यम वर्गीय परिवारों और दैनिक यात्रियों पर पड़ेगा। विशेषज्ञों की मानें तो डीजल महंगा होने से माल ढुलाई में इजाफा होगा, जिसका सीधा असर सब्जियों, अनाज और अन्य दैनिक उपभोग की वस्तुओं की कीमतों पर दिखना तय है। ऑटो और टैक्सी चालकों ने भी इस वृद्धि पर चिंता जताई है, जिससे शहर में सार्वजनिक परिवहन के किराए बढ़ने की भी आशंका है।
बाजार में आक्रोश का माहौल
आम नागरिकों का कहना है कि एक तरफ जहां लोग पहले से ही महंगाई से जूझ रहे हैं, वहीं तेल की कीमतों में इस “करंट” ने उनकी मासिक बजट को पूरी तरह बिगाड़ दिया है। फिलहाल प्रशासन और तेल कंपनियों की ओर से इस वृद्धि के पीछे के वैश्विक कारणों पर नजर रखी जा रही है, लेकिन जमीन पर आम जनता के लिए यह खबर किसी बड़े झटके से कम नहीं है।

