कुंदन कुमार/​पटना। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम ने केंद्र की मोदी सरकार के 12 वर्षों के कार्यकाल पर कड़ा प्रहार करते हुए इसे अमृत काल के बजाय विष काल करार दिया है। एक प्रेस वार्ता में उन्होंने सरकार पर देश के विकास को अवरुद्ध करने और जनता को गंभीर आर्थिक संकट में धकेलने का आरोप लगाया।

​बेरोजगारी और आर्थिक मोर्चे पर विफलता

​राजेश राम ने बेरोजगारी के आंकड़ों पर चिंता जताते हुए कहा कि युवाओं को हर साल 2 करोड़ नौकरियां देने का वादा पूरी तरह खोखला साबित हुआ है। उन्होंने CMIE और PLFS के आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि युवा बेरोजगारी दर 45.4% तक पहुंच गई है। महंगाई के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि 2014 में जो घरेलू सिलेंडर 410 में था वह आज 1100 के पार है। पेट्रोल-डीजल की कीमतों ने आम आदमी की कमर तोड़ दी है।

​किसानों और छोटे व्यापारियों की बदहाली

​प्रदेश अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियां केवल चुनिंदा बड़े व्यापारिक घरानों के लिए हैं। नोटबंदी और जीएसटी ने छोटे व्यापारियों को बर्बाद कर दिया। किसानों पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि 2022 तक आय दोगुनी करने का दावा करने वाली सरकार ने MSP का लाभ तक नहीं दिया, जिसके चलते NCRB आंकड़ों के मुताबिक हजारों किसान आत्महत्या को मजबूर हुए हैं।

​शिक्षा, स्वास्थ्य और प्रशासनिक गिरावट

​शिक्षा व्यवस्था पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि 12 वर्षों में 89 प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक होना इस सरकार की प्रशासनिक विफलता का प्रमाण है। स्वास्थ्य सेवाओं पर GDP का 2.5% खर्च करने का लक्ष्य केवल 1.9% पर सिमट कर रह गया है। साथ ही, मनरेगा बजट में 32% की कटौती ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को कमजोर किया है।

​लोकतंत्र और संवैधानिक संस्थाओं का ह्रास

​राजेश राम ने लोकतांत्रिक मूल्यों के पतन पर भी गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि भारत प्रेस स्वतंत्रता सूचकांक में 157वें स्थान पर खिसक गया है। साथ ही, भूख सूचकांक (GHI) में 102वें स्थान पर होना देश के लिए शर्मनाक है। उन्होंने ईडी (ED) जैसी संस्थाओं के दुरुपयोग पर कहा कि विपक्ष को डराने के लिए छापे तो मारे जाते हैं, लेकिन दोष सिद्ध होने का दर बेहद कम है, जो राजनीतिक विद्वेष को दर्शाता है।