कुंदन कुमार, पटना। जिले में कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने तथा आगामी त्योहारों के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद करने के उद्देश्य से वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) कार्तिकेय शर्मा ने शनिवार को एक अहम उच्चस्तरीय बैठक की। पुलिस लाइन सभागार में आयोजित इस बैठक में पटना जिले के सभी थानों के प्रभारी और सर्किल इंस्पेक्टर मौजूद रहे। बैठक के दौरान मुख्य रूप से बेहतर पुलिसिंग, अपराधियों पर नकेल कसने, लंबित मामलों के तुरंत निष्पादन और आगामी पर्व-त्योहारों के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने जैसे गंभीर विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।
आगामी पर्व-त्योहारों को लेकर सुरक्षा के कड़े इंतजाम
बैठक के बाद मीडिया से मुखातिब होते हुए SSP कार्तिकेय शर्मा ने बताया कि आने वाले दिनों में कई बड़े और महत्वपूर्ण पर्व-त्योहार आने वाले हैं। इसे ध्यान में रखते हुए पुलिस प्रशासन अभी से पूरी तरह सतर्क हो गया है। त्योहारों के दौरान किसी भी प्रकार की असामाजिक गतिविधियों को रोकने और शहर में सौहार्दपूर्ण माहौल बनाए रखने के लिए विशेष रणनीति बनाई गई है। SSP ने सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में गश्त (पेट्रोलिंग) बढ़ा दें और संदिग्ध गतिविधियों पर पैनी नजर रखें ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।
ट्रैफिक मॉनिटरिंग और सुगम यातायात पर जोर
त्योहारी सीजन में शहर की बढ़ती भीड़ और लगने वाले ट्रैफिक जाम से आम जनता को राहत दिलाने के लिए ट्रैफिक मॉनिटरिंग को लेकर भी गहन विचार-विमर्श किया गया। SSP ने सभी थानाध्यक्षों को ट्रैफिक पुलिस के साथ समन्वय स्थापित कर प्रमुख चौराहों और बाजारों में सुगम यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। भीड़भाड़ वाले इलाकों में अतिक्रमण हटाने और वाहनों की बेतरतीब पार्किंग पर सख्ती से रोक लगाने के आदेश दिए गए हैं, ताकि लोगों को आवागमन में किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
पिछले महीने के कार्यों की हुई विस्तृत समीक्षा
बैठक का एक अन्य प्रमुख एजेंडा पिछले एक महीने के दौरान पटना जिले के विभिन्न थानों में किए गए पुलिसिया कार्यों की समीक्षा करना था। SSP ने थानावार कार्यों का लेखा-जोखा लिया और अपराध नियंत्रण की दिशा में हुई प्रगति की जांच की। इस समीक्षा के दौरान नौबतपुर, फुलवारीशरीफ और बिहटा थानों का प्रदर्शन सबसे उत्कृष्ट पाया गया। इन थानों में पिछले महीने के दौरान सबसे अधिक केस डिस्पोजल (मामलों का निष्पादन) किए गए, अपराधियों की अच्छी खासी गिरफ्तारी हुई और समय पर चार्जशीट (आरोप-पत्र) भी समर्पित किए गए। बेहतर प्रदर्शन करने वाले इन थाना प्रभारियों की कार्यशैली की सराहना करते हुए अन्य थानों को भी इनसे प्रेरणा लेने को कहा गया।
निरंतर होती रहेगी कार्य-समीक्षा
एसएसपी कार्तिकेय शर्मा ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पुलिस अधिकारियों की ऐसी कार्य-समीक्षा बैठकें आगे भी समय-समय पर नियमित रूप से आयोजित की जाती रहेंगी। इसका मुख्य उद्देश्य पुलिसिंग की गुणवत्ता में सुधार करना और जनता के प्रति पुलिस की जवाबदेही को और अधिक सुनिश्चित करना है। खराब प्रदर्शन करने वाले या अपने कर्तव्यों में कोताही बरतने वाले पुलिसकर्मियों को चेतावनी देते हुए उन्होंने कहा कि जनता को सुरक्षित माहौल देना पटना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है, और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।



