पटना। पटना विश्वविद्यालय (PU) ने अपनी शैक्षणिक व्यवस्था में बड़े बदलाव करते हुए महत्वपूर्ण निर्णयों पर मुहर लगा दी है। गुरुवार को आयोजित एकेडमिक काउंसिल की बैठक में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के अनुरूप पाठ्यक्रमों को आधुनिक बनाने और नई प्रवेश प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करने पर जोर दिया गया।
पीएचडी और पीजी पाठ्यक्रमों में व्यापक बदलाव
विश्वविद्यालय ने पीएचडी ऑर्डिनेंस और रेगुलेशन को आधिकारिक मंजूरी दे दी है। साथ ही NEP 2020 के तहत तैयार किए गए दो वर्षीय और एक वर्षीय (दो सेमेस्टर) पीजी पाठ्यक्रमों के ड्राफ्ट को भी स्वीकार कर लिया गया है। शैक्षणिक गुणवत्ता को बढ़ाने के उद्देश्य से इतिहास, अंग्रेजी, मास कम्युनिकेशन, जियोलॉजी, केमिस्ट्री, भौतिक शास्त्र, बायोटेक्नोलॉजी, जंतु विज्ञान, कॉमर्स, गणित और पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन समेत कुल 19 विषयों के सिलेबस को मंजूरी प्रदान की गई है।
यूजी कोर्स और स्किल डेवलपमेंट पर जोर
एकेडमिक काउंसिल ने एनएसएस (NSS) यूजी कोर्स स्ट्रक्चर और इसके पाठ्यक्रम (AECC IV) को पारित कर दिया है। छात्रों के सर्वांगीण विकास के लिए यूजी कोर्स के अंतर्गत स्किल डेवलपमेंट हेतु ‘क्रॉस वर्ल्ड कोर्स’ की शुरुआत को भी हरी झंडी मिल गई है। इसके अतिरिक्त, AECC कोर्स स्ट्रक्चर में किए गए परिवर्तनों को भी लागू कर दिया गया है।
नामांकन और काउंसलिंग: महत्वपूर्ण तिथियां
नए शैक्षणिक सत्र के लिए पटना विश्वविद्यालय प्रशासन ने प्रवेश प्रक्रिया की विस्तृत समय-सारणी जारी की है:
- इंडक्शन मीट: स्नातक रेगुलर कोर्स के छात्रों के लिए 6 जुलाई को सभी संबद्ध कॉलेजों में इंडक्शन मीट आयोजित की जाएगी।
- सेल्फ फाइनेंस काउंसलिंग: स्नातक सेल्फ फाइनेंस कोर्स की पहली काउंसलिंग 6 से 10 जुलाई के बीच संपन्न होगी।
- आवेदन संशोधन: जिन छात्रों ने पहले से आवेदन कर दिया है और यदि उनमें कोई त्रुटि है, तो वे 6 से 8 जुलाई तक पोर्टल पर जाकर संशोधन कर सकते हैं।
- AEDP प्रोग्राम: 4 वर्षीय अप्रेंटिसशिप एंबेडेड डिग्री प्रोग्राम (B.Sc. डिजिटल इलेक्ट्रॉनिक्स और B.Sc. हेल्थ केयर मैनेजमेंट) सत्र 2026-30 के लिए काउंसलिंग 6 से 10 जुलाई के बीच बीएन कॉलेज और मगध महिला कॉलेज में होगी।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने सभी चयनित अभ्यर्थियों को निर्देशित किया है कि वे निर्धारित तिथियों के भीतर अपने संबंधित कॉलेज में जाकर अनिवार्य रूप से काउंसलिंग और नामांकन प्रक्रिया पूरी कर लें। इन निर्णयों से पटना विश्वविद्यालय की शैक्षणिक गुणवत्ता और रोजगारपरक शिक्षा को नई दिशा मिलेगी।

