नूंह। हरियाणा के नूंह जिले के पिनगवां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने रिश्वतखोरी के मामले में एक डॉक्टर और हेल्थ वर्कर को गिरफ्तार किया है। फरीदाबाद ACB की टीम ने मंगलवार शाम कार्रवाई करते हुए AMO डॉ. वीरपाल और मल्टीपर्पज हेल्थ वर्कर मोनू शर्मा को पकड़ा।

बेटे के केस में मेडिकल ओपिनियन के लिए मांगी रिश्वत
ACB के मुताबिक, पलवल जिले के होडल तहसील के एक गांव निवासी व्यक्ति ने शिकायत दी थी। उसने बताया कि उसके बेटे के खिलाफ पिनगवां थाने में एक मामला दर्ज है।
आरोप है कि इसी केस में बेटे के पक्ष में मेडिकल ओपिनियन देने और समझौता कराने के लिए 3.50 लाख रुपये की रिश्वत मांगी गई थी।
पहले 15 हजार रुपये लेने का आरोप
शिकायतकर्ता के मुताबिक, रिश्वत की रकम को लेकर सौदा 3.50 लाख रुपये में तय हुआ था। आरोप है कि इसमें से करीब 15 हजार रुपये पहले ही ऑनलाइन और कुछ नकद के रूप में लिए जा चुके थे।
इसके बाद शिकायतकर्ता ने फरीदाबाद ACB से संपर्क किया। ब्यूरो ने शिकायत का सत्यापन करने के बाद कार्रवाई की तैयारी की।
ढाई लाख रुपये लेते हेल्थ वर्कर पकड़ा गया
मंगलवार शाम ACB की टीम ने पिनगवां CHC में जाल बिछाया। आरोप है कि तय रकम की अगली किश्त के तौर पर 2.50 लाख रुपये लिए जा रहे थे। इसी दौरान टीम ने मोनू शर्मा को कथित तौर पर रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया।
ACB ने इस मामले में AMO डॉ. वीरपाल को भी गिरफ्तार किया है। दोनों से पूछताछ की जा रही है।
किसी और की भूमिका की भी जांच
ACB अधिकारियों के मुताबिक, शुरुआती जांच में मोनू शर्मा की भूमिका रिश्वत की रकम लेने में सामने आई है। अब ब्यूरो यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि मामले में कोई और व्यक्ति भी शामिल था या नहीं।
जांच आगे बढ़ने के बाद ही पूरे मामले में अन्य लोगों की भूमिका और लेनदेन की स्थिति साफ होगी।
Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m

