सुशील खरे, रतलाम। मध्य प्रदेश के रतलाम जिले के आलोट तहसील क्षेत्र के खजूरी सोलंकी में तैनात 30 वर्षीय आदिवासी पटवारी रविकांत खराड़ी (रवि शंकर खराड़ी) ने अपने आवास पर आत्महत्या कर ली। इस मामले में नायब तहसीलदार सविता राठौर पर गंभीर आरोप लगे हैं।
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मृतक पटवारी के कथित सुसाइड नोट में आरोप लगाया गया है कि नायब तहसीलदार सविता राठौर ने उन्हें राजस्व रिकॉर्ड में गलत काम करवाने, मौका नक्शा और फर्द रिपोर्ट बदलने का लगातार अवैध दबाव बनाया। जब पटवारी ने इन अवैध आदेशों से इनकार कर दिया, तो उन पर कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया गया। परिवार और मृतक की मां केसर बाई ने आरोप लगाया कि उनके बेटे को मानसिक रूप से काफी परेशान किया जा रहा था। मृतक का छोटा भाई सिद्धार्थ की शादी थी, लेकिन वह दबाव के कारण समय पर नहीं पहुंच पाया।
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फिलहाल एक सादे कागज पर लिखा गया कथित नोट सामने आया है, जिसमें पटवारी ने अपनी व्यथा और मानसिक पीड़ा लिखी है। पुलिस और प्रशासन ने अभी तक आधिकारिक रूप से सुसाइड नोट की पुष्टि नहीं की है। मृतक का पोस्टमार्टम भी अभी नहीं हुआ है। इस घटना से रतलाम में पटवारी संघ आक्रोशित है और जिले के मेडिकल कॉलेज में प्रदर्शन कर रहा है। आदिवासी नेताओं की भीड़ भी जमा हो रही है। पटवारी संघ और परिवार न्याय की मांग कर रहे हैं। प्रशासन और पुलिस ने इस पूरे मामले पर अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है। पूरे मामले की जांच की मांग तेज हो गई है।

