बराड़ा-दोसड़का रोड पर मृत अवस्था में मिली राष्ट्रीय पक्षी मोरनी का मंगलवार को पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। पशु चिकित्सकों ने पोस्टमार्टम के बाद मोरनी के शरीर पर चोट के निशान न होने के कारण मौत को प्राकृतिक करार दिया है।

अनिल शर्मा, अंबाला। बराड़ा-दोसड़का रोड पर मृत अवस्था में मिली राष्ट्रीय पक्षी मोरनी का मंगलवार को पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। पशु चिकित्सकों ने पोस्टमार्टम के बाद उसकी मौत को प्राकृतिक (नेचुरल) करार दिया, क्योंकि शरीर पर किसी प्रकार की बाहरी चोट के निशान नहीं मिले। जानकारी के अनुसार मंगलवार सुबह बराड़ा पशु अस्पताल में सूचना मिली कि बराड़ा-दोसड़का रोड पर एक मोर घायल अवस्था में पड़ा है। सूचना मिलते ही पुलिसकर्मी उसे तत्काल पशु अस्पताल लेकर पहुंचे। जांच के दौरान चिकित्सकों ने बताया कि वह मोर नहीं, बल्कि मोरनी थी और अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसकी मौत हो चुकी थी।

डॉक्टरों ने किया पोस्टमार्टम

वेटनरी सर्जन डॉ. शरद ने मोरनी का पोस्टमार्टम किया। जांच में किसी भी प्रकार की चोट या हिंसा के निशान नहीं पाए गए, जिसके आधार पर उसकी मौत प्राकृतिक मानी गई। राष्ट्रीय पक्षी होने के कारण नियमानुसार उसे पूर्ण राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। पशु अस्पताल परिसर में विधिवत गड्ढा खोदकर मोरनी को दफनाया गया। इस अवसर पर वेटनरी सर्जन डॉ. शरद, डॉ. विनोद पठानिया, वीएलडीए विनोद कुमार, वीएलडीए विकास, एनिमल अटेंडेंट रितिक सहित पशुपालन विभाग के अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।