पुरी: बंगाल की खाड़ी में बने नए कम दबाव के क्षेत्र (लो-प्रेशर) के असर से ओडिशा के तटीय जिलों सहित पवित्र तीर्थ नगरी पुरी में मूसलाधार बारिश का सिलसिला लगातार जारी है. चौबीस घंटे से हो रही इस अविराम वर्षा के कारण पुरी का जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है. भगवान जगन्नाथ के मंदिर के सामने स्थित मुख्य मार्ग यानी ‘बड़ दांड’ (Grand Road) और जगन्नाथ कॉलोनी सहित शहर के कई निचले इलाके पूरी तरह जलमग्न हो गए हैं. सड़कों पर घुटनों तक पानी भर जाने के कारण स्थानीय निवासियों और बाहर से आए श्रद्धालुओं को आवागमन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.

खराब ड्रेनेज सिस्टम को लेकर फूटा जनता का गुस्सा

पुरी के स्थानीय निवासियों का आरोप है कि मानसून और बारिश के सीजन से पहले नगरपालिका प्रशासन द्वारा नालों (ड्रेनेज) की सही तरीके से सफाई नहीं की गई. नाले जाम होने के कारण बारिश का पानी स्वाभाविक रूप से बाहर नहीं निकल पा रहा है. यही वजह है कि नालों का गंदा पानी उफनकर मुख्य सड़कों और रिहायशी कॉलोनियों में घुस गया है. कई इलाकों में स्थिति इतनी गंभीर है कि लोगों का अपने घरों से बाहर निकलना भी दूभर हो गया है. शहरवासियों ने प्रशासन के रखरखाव और तैयारियों पर गंभीर सवाल उठाए हैं.

यातायात ठप, व्यापार पर पड़ा बुरा असर

सड़कों पर भारी जलजमाव के कारण दोपहिया और चार पहिया वाहन रेंगते हुए नजर आ रहे हैं, जिससे शहर के प्रमुख चौराहों पर ट्रैफिक जाम की समस्या पैदा हो गई है. इसके साथ ही, स्थानीय बाजारों, दैनिक व्यावसायिक गतिविधियों और बड़ा दांड के छोटे दुकानदारों के व्यापार पर इसका सीधा और बेहद प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है. स्थानीय लोगों ने मांग की है कि प्रशासन तुरंत हैवी पंप लगाकर जल निकासी की व्यवस्था करे.

प्रशासन अलर्ट पर, मौसम विभाग की चेतावनी: मौसम विज्ञान केंद्र (IMD) ने आगामी 24 से 48 घंटों के दौरान ओडिशा के तटीय जिलों में भारी से अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी (रेड और ऑरेंज अलर्ट) जारी की है. इसे देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है. जलजमाव वाले क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी गई है. प्रशासन ने आम जनता और पर्यटकों को सलाह दी है कि वे बिना किसी अत्यंत जरूरी काम के घरों से बाहर न निकलें, बिजली के खंभों से दूरी बनाए रखें और सभी आवश्यक सुरक्षा उपाय अपनाएं.