० CPWD की जमीन पर वर्षों से रह रहे लोगों ने पुनर्वास की मांग उठाई; मंत्री बोले- अधिकारियों से करेंगे बात, किसी के साथ अन्याय नहीं होगा
फरीदाबाद। सेक्टर-22 के शिव नगर और मुजेसर इलाके में सीपीडब्ल्यूडी की जमीन पर बने मकानों को खाली करने के नोटिस जारी होने के बाद सैकड़ों परिवारों के सामने बेघर होने का संकट खड़ा हो गया है। पुनर्वास की मांग को लेकर बड़ी संख्या में लोग केंद्रीय राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर के कार्यालय पहुंचे और मकान तोड़ने से पहले वैकल्पिक आवास उपलब्ध कराने की गुहार लगाई।
प्रदर्शन कर रहे लोगों का कहना है कि वे पिछले 30 से 40 वर्षों से इस इलाके में रह रहे हैं। ऐसे में बिना वैकल्पिक व्यवस्था किए मकान खाली कराने की कार्रवाई उनके सामने बड़ा संकट खड़ा कर देगी। उन्होंने सरकार से पहले रहने की व्यवस्था करने और उसके बाद ही अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई करने की मांग की।
26 जुलाई से शुरू हो सकती है कार्रवाई
सीपीडब्ल्यूडी के अभियंता सुरेश कुमार के अनुसार, मुजेसर, सारन और सेक्टर-22 में सरकारी प्रेस की करीब 6 एकड़ जमीन है। करीब 25 वर्ष पहले सरकारी प्रेस बंद होने के बाद यह भूमि सीपीडब्ल्यूडी को हस्तांतरित कर दी गई थी। विभाग द्वारा लंबे समय तक भूमि का उपयोग नहीं किए जाने के दौरान धीरे-धीरे लोगों ने वहां मकान बना लिए।
उन्होंने बताया कि अदालत के आदेश के बाद अब जमीन खाली कराने की प्रक्रिया शुरू की गई है। प्रभावित परिवारों को नोटिस जारी कर दिए गए हैं और 26 जुलाई से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू किए जाने की तैयारी है।
‘पहले घर दो, फिर मकान हटाओ’
मंत्री से मिलने पहुंचे लोगों ने कहा कि यदि प्रशासन मकान तोड़ता है तो उनके सिर से छत छिन जाएगी। उन्होंने सरकार से पुनर्वास की स्पष्ट योजना घोषित करने की मांग की, ताकि उनके परिवार बेघर न हों।
मंत्री ने दिया भरोसा
स्थानीय पार्षद ने बताया कि केंद्रीय राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर के सामने प्रभावित लोगों की मांग रखी गई है। मंत्री ने आश्वासन दिया कि मामले में संबंधित अधिकारियों से चर्चा की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार लोगों को बसाने में विश्वास रखती है और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि किसी के साथ अन्याय न हो।
फिलहाल, अदालत के आदेश के तहत प्रस्तावित कार्रवाई और पुनर्वास की मांग के बीच यह मामला फरीदाबाद में चर्चा का विषय बना हुआ है।

