सुशीला देवी, गुडगांव। गुरुग्राम में PGF कंपनी की अटैच/सीज संपत्ति की फर्जी रजिस्ट्री कर करोड़ों की धोखाधड़ी करने वाले गिरोह पर पुलिस का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है। आर्थिक अपराध शाखा-1 ने इस मामले में एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है, जो खुद को कंपनी का प्रतिनिधि बताकर फर्जी दस्तावेजों के जरिए प्लॉट की अवैध रजिस्ट्री कराने में शामिल था।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी की पहचान आशिफ (37) निवासी कैलाश विहार, दिल्ली के रूप में हुई है। आरोपी दिल्ली में इलेक्ट्रिशियन का काम करता है और उसने अपने साथियों के कहने पर फर्जी “रविंदर मनराल” बनकर वारदात को अंजाम दिया। आरोप है कि PGF कंपनी की सुप्रीम कोर्ट समिति के नियंत्रणाधीन संपत्ति को जाली बोर्ड रेजोल्यूशन और नकली दस्तावेजों के आधार पर बेच दिया गया।
जांच में सामने आया कि आरोपियों ने फर्जी आधार-पैन कार्ड तैयार कर बैंक खाते खुलवाए और उसी के जरिए रकम का लेन-देन किया। आरोपी ने पूछताछ में बताया कि उसे इस ठगी के बदले 5 लाख रुपए मिलने थे, लेकिन फिलहाल केवल 50 हजार रुपए ही मिले।
इससे पहले पुलिस नेपाल निवासी राजेंद्र सिंह उर्फ फर्जी रविंदर प्रसाद को भी गिरफ्तार कर चुकी है। मामले में अब तक तीन आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि अन्य आरोपियों और वित्तीय लेन-देन की जांच जारी ।
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