पटना। जिले के फुलवारी शरीफ स्थित कन्हैया नगर इलाके में एक घटना सामने आई है जहां एक होनहार इंजीनियरिंग छात्र ने अपने ही घर में फांसी लगाकर जीवनलीला समाप्त कर ली। मृतक की पहचान 26 वर्षीय धीरज शर्मा के रूप में हुई है, जो दिल्ली में रहकर बीटेक द्वितीय वर्ष की पढ़ाई कर रहा था। इस घटना ने न केवल परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है, बल्कि पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है।

​घर पर अकेला था छात्र

​जानकारी के अनुसार, धीरज कुछ दिन पहले ही दिल्ली से छुट्टी पर अपने घर लौटा था। घटना के दिन धीरज के पिता विजय शर्मा और बड़ा भाई गोलू शर्मा, उसकी मां को दांत के इलाज के लिए लेकर पटना के एक अस्पताल गए थे। वहीं, घर की दोनों बहनें कोचिंग के लिए बाहर गई हुई थीं। जब परिवार के सदस्य इलाज कराकर वापस घर लौटे, तो उन्होंने धीरज के कमरे को अंदर से बंद पाया।

​खिड़की से देखा तो उड़े होश

​परिवार वालों ने जब कमरे के भीतर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिलने पर खिड़की से झांक कर देखा, तो उनके होश उड़ गए। धीरज पंखे से लटका हुआ था। आनन-फानन में स्थानीय फुलवारी शरीफ थाना पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने दरवाजा तोड़कर शव को बाहर निकाला और पोस्टमार्टम के लिए पटना एम्स भेज दिया। पुलिस ने फॉरेंसिक टीम (FSL) को भी जांच के लिए बुलाया ताकि मौत के सटीक कारणों का पता चल सके।

​मानसिक तनाव बना वजह

​स्थानीय थाना प्रभारी गुलाम शाहबाज आलम के अनुसार, प्रारंभिक जांच और परिजनों के बयानों से यह स्पष्ट हुआ है कि धीरज पिछले कुछ समय से मानसिक रूप से काफी परेशान चल रहा था। आर्थिक रूप से कमजोर परिवार में, जहां पिता विजय कुमार शर्मा मेहनत-मजदूरी कर बच्चों को पढ़ा रहे थे, धीरज का जाना उनके सपनों के टूटने जैसा है।
​मेहनती और शांत स्वभाव के धीरज की इस आत्मघाती कदम से पड़ोसी भी स्तब्ध हैं। फिलहाल, पुलिस मामले के हर पहलू की गंभीरता से जांच कर रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है ताकि आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। इस घटना ने एक बार फिर युवाओं में बढ़ते मानसिक दबाव और अवसाद के मुद्दे को सामने ला खड़ा किया है।