Lifestyle Desk – चेहरे पर बार-बार पिंपल्स निकलना आम समस्या है। अक्सर लोग इसे हार्मोनल बदलाव, ऑयली स्किन या गलत खान-पान से जोड़कर देखते हैं। खासकर किशोरावस्था में पिंपल्स होना सामान्य माना जाता है, क्योंकि इस दौरान शरीर में कई तरह के हार्मोनल बदलाव होते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपकी लाइफस्टाइल भी त्वचा पर असर डाल सकती है? लगातार तनाव और नींद की कमी भी पहले से मौजूद एक्ने को बढ़ा सकती है। यही वजह है कि कुछ लोगों को तनाव भरे दिनों या कई रातों तक ठीक से न सोने के बाद चेहरे पर ज्यादा पिंपल्स दिखाई देने लगते हैं। आइए इसके बारे में जानते हैं विस्तार से।

तनाव और पिंपल्स का क्या है कनेक्शन?
जब हम लंबे समय तक तनाव में रहते हैं तो शरीर में कई तरह के हार्मोनल और न्यूरोएंडोक्राइन बदलाव होते हैं। तनाव त्वचा की ऑयल ग्लैंड्स यानी सीबेशियस ग्लैंड्स की गतिविधि को प्रभावित कर सकता है। इससे सीबम यानी त्वचा का प्राकृतिक तेल अधिक बनने की संभावना रहती है। जब अतिरिक्त तेल, मृत त्वचा कोशिकाओं और अन्य कारकों के साथ मिलकर पोर्स को बंद करता है, तो पिंपल्स और एक्ने की समस्या बढ़ सकती है।तनाव एक्ने को बढ़ाने वाले कारकों में शामिल है। इसका मतलब यह नहीं है कि हर तनावग्रस्त व्यक्ति को पिंपल्स होंगे, बल्कि जिन लोगों की त्वचा पहले से एक्ने-प्रोन है, उनमें तनाव समस्या को और बढ़ा सकता है।
नींद की कमी भी बिगाड़ सकती है त्वचा
तनाव के साथ-साथ नींद की कमी भी स्किन हेल्थ को प्रभावित कर सकती है। जब आप लगातार कम सोते हैं, तो शरीर को पर्याप्त आराम और रिकवरी का समय नहीं मिल पाता। नींद की खराब गुणवत्ता शरीर के तनाव से जुड़े सिस्टम और इम्यून प्रतिक्रिया को प्रभावित कर सकती है, जिसका असर त्वचा पर भी दिखाई दे सकता है। एक्ने और नींद के बीच संबंध को लेकर हुई रिसर्च में खराब नींद को एक्ने की अधिक गंभीरता से जोड़कर देखा गया है। हालांकि, वैज्ञानिक अभी भी यह समझने की कोशिश कर रहे हैं कि इस संबंध में कौन-कौन से जैविक कारण सबसे महत्वपूर्ण हैं। इसलिए यह कहना सही नहीं होगा कि सिर्फ कम नींद लेने से ही पिंपल्स होते हैं।
प्यूबर्टी में क्यों ज्यादा होते हैं पिंपल्स?
किशोरावस्था में पिंपल्स ज्यादा होने की मुख्य वजह हार्मोनल बदलाव हैं। प्यूबर्टी के दौरान एंड्रोजन हार्मोन का स्तर बढ़ता है, जिससे त्वचा की ऑयल ग्लैंड्स अधिक सक्रिय हो सकती हैं। सीबम का उत्पादन बढ़ने से पोर्स के बंद होने और एक्ने होने की संभावना बढ़ जाती है। लेकिन उम्र बढ़ने के बाद भी एक्ने हो सकता है। वयस्कों में तनाव, नींद, आनुवंशिक कारण, कुछ कॉस्मेटिक्स और हार्मोनल बदलाव समेत कई फैक्टर पिंपल्स को प्रभावित कर सकते हैं।
पिंपल्स कम करने के लिए क्या करें?
अगर चेहरे पर बार-बार पिंपल्स हो रहे हैं, तो सिर्फ स्किन केयर प्रोडक्ट बदलने के बजाय अपनी लाइफस्टाइल पर भी ध्यान दें। रोजाना पर्याप्त और नियमित नींद लेने की कोशिश करें। तनाव कम करने के लिए एक्सरसाइज, योग, मेडिटेशन या अपनी पसंद की कोई एक्टिविटी कर सकते हैं। चेहरे को बार-बार छूने और पिंपल्स को दबाने से भी बचें। स्किन केयर के लिए ऐसे प्रोडक्ट चुनें जिन पर non-comedogenic या oil-free लिखा हो। अगर पिंपल्स लगातार बने रहते हैं, दर्दनाक हैं या बार-बार दाग छोड़ रहे हैं, तो त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर है।

