Odisha Desk, जगतसिंहपुर: ओडिशा में लगातार हो रही बारिश ने राष्ट्रीय राजमार्ग-55 (NH-55) के निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। कटक से नुआगांव तक बन रहे इस राष्ट्रीय राजमार्ग के खेरस स्थित निर्माणाधीन फ्लाईओवर के एप्रोच रोड पर डाली गई फ्लाई ऐश और मिट्टी बारिश में बह जाने से बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं। इससे इलाके में भूस्खलन जैसी स्थिति पैदा हो गई है और सड़क की मजबूती को लेकर चिंता बढ़ गई है।

पढ़िए पूरी खबर

जानकारी के अनुसार, कंदरपुर से नुआगांव तक करीब 100 किलोमीटर लंबे NH-55 का निर्माण दो चरणों में किया जा रहा है। पहले चरण में कंदरपुर से बालिकुड़ा तक लगभग 50 किलोमीटर सड़क का निर्माण करीब 200 करोड़ रुपये की लागत से किया जा रहा है। इस परियोजना का निर्माण कार्य ARSS कंपनी के जिम्मे है। हालांकि तीन वर्ष पहले शुरू हुआ यह प्रोजेक्ट अब तक पूरा नहीं हो सका है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि निर्माण कार्य के दौरान सड़क पर कई स्थानों पर दरारें, गड्ढे और गुणवत्ता संबंधी खामियां पहले से ही सामने आ चुकी थीं। मीडिया में खबर प्रकाशित होने के बाद कुछ हिस्सों की जल्दबाजी में पैचवर्क कर मरम्मत की गई थी, लेकिन कई स्थानों पर अब भी सड़क में दरारें बनी हुई हैं। ऐसे में निर्माण पूरा होने से पहले ही सड़क की गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं।

सबसे अधिक चिंता खेरस स्थित निर्माणाधीन फ्लाईओवर के एप्रोच रोड को लेकर जताई जा रही है। यहां फ्लाईओवर के किनारे डाली गई फ्लाई ऐश और मिट्टी तेज बारिश में बह गई, जिससे सड़क के दोनों ओर गहरे कटाव और बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं। कई स्थानों पर सड़क दो हिस्सों में बंटी हुई दिखाई दे रही है।

विशेषज्ञों का मानना है कि सड़क के किनारों पर पर्याप्त पत्थर की पैकिंग (Stone Pitching) और सुरक्षा बांध नहीं बनाए जाने के कारण बारिश का पानी सीधे मिट्टी और फ्लाई ऐश को बहाकर ले गया। यदि समय रहते सुरक्षात्मक कार्य नहीं किए गए तो आगामी बारिश में स्थिति और अधिक गंभीर हो सकती है तथा सड़क और फ्लाईओवर की स्थिरता पर भी असर पड़ सकता है।

स्थानीय लोगों ने संबंधित विभाग और निर्माण एजेंसी से जल्द स्थायी मरम्मत कराने तथा निर्माण कार्य की गुणवत्ता की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है।

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