Dharm Desk – आजकल लोग मेहनत तो बहुत करते हैं पर इतनी मेहनत करने के बाद उनके पास ना धन टिकता है और ना ही मन की शांति बनी होते हैं. इसके पीछे सिर्फ भाग्य ही नहीं इसके पीछे घर का वातावरण और ऊर्जा भी जिम्मेदार मानी जाती है. ऐसे में मोरपंख एक ऐसा पारंपरिक उपाय है जिसे अपनाकर घर की नकारात्मकता को दूर किया जा सकता है और सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ाया जा सकता है. किन्तु सही दिशा में मोरपंख लगाने से न सिर्फ आर्थिक स्थिति में सुधार आता है. ऐसा करने से रिश्तों और मानसिक स्थिति पर भी अच्छा असर पड़ता है. भारतीय परंपरा में मोरपंख को सौभाग्य और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है. इसे घर में रखने से घर का वातावरण हल्का और सकारात्मक बनता है. वास्तु के हिसाब से घर के दक्षिण-पूर्व कोने में मोरपंख लगाने से धन से जुड़े रास्ते मजबूत होते हैं और अनचाही परेशानियां धीरे-धीरे कम होने लगती हैं.

मोरपंख के यह आसान उपाय
- घर का मुख्य दरवाजा अगर वास्तु के अनुरूप नहीं है. तो वहां तीन मोरपंख लगाना एक आसान ओर सरल उपाय माना जाता है. मोरपंख की स्थापना के समय इस मंत्र का जप करे. “ओम द्वारपालाय नमः जाग्रय स्थापय स्वाहा”. इस मंत्र का उच्चारण करने से प्रवेश द्वार की नकारात्मकता कम होती है. साथ ही नीचे की तरफ गणपति की छोटी मूर्ति रखने से शुभ ऊर्जा का प्रवाह बढ़ता है. मोरपंख के ये छोटे-छोटे उपाय घर के माहौल में बहुत बड़ा बदलाव ला सकते हैं. प्रतिदिन इनका पालन करने से घर में सुख शांति और समृद्धि बनी रहती है और जीवन में संतुलन आता है.
- जो लोग राहु केतु के प्रभाव से परेशान रहते हैं उन लोगों के लिए मोर पंख बहुत असरदार रहता है. ऐसे लोगों को सोमवार की रात अपनी तकिए के अंदर सात मोरपंख रखकर सोने से मानसिक बेचैनी कम होती है और ग्रहों का दुष्प्रभाव धीरे-धीरे घटने लगता है.
- घर में बेडरूम की पश्चिम दिशा में 11 मोरपंखों का गुच्छा लगाने से वातावरण संतुलित और शांत रहता है.
- किचन अगर सही दिशा में नहीं बना है तो वहां दो मोरपंख लगाना लाभकारी माना जाता है. इन्हें चूल्हे या गैस से थोड़ी दूरी पर लगाकर नीचे मौली बांध दें. गंगाजल छिड़ककर इस मंत्र का जाप करें “ओम अन्नपूर्णाय नमः जाग्रय स्थापय स्वाहा” मंत्र के साथ मोरपंख स्थापित करने से घर में अन्न और धन की कमी नहीं होती.
- घर का पूजा स्थान यदि अनुकूल दिशा में न हो तो मोरपंख से उसे सजाकर दोष कम किया जा सकता है. कुमकुम का तिलक लगाकर “ओम कूर्म पुरुषाय नमः जाग्रय स्थापय स्वाहा” इस मंत्र का जाप करने से पूजा स्थल की ऊर्जा बढ़ती है और घर में आध्यात्मिक वातावरण बनता है.

