अजय सैनी भिवानी, विश्व तंबाकू निषेध दिवस पर रविवार को स्थानीय हनुमान ढाणी स्थित हनुमान जोहड़ी मंदिर परिसर में नशा मुक्त जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। युवा जागृति एवं जन कल्याण मिशन ट्रस्ट के बैनर तले आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवा पीढ़ी को नशे की गर्त से बाहर निकालकर समाज और राष्ट्र निर्माण की मुख्यधारा से जोडऩा था। यह कार्यक्रम मंदिर के महंत बालयोगी चरणदास महाराज के सान्निध्य में संपन्न हुआ।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सिटी थाना एसएचओ जरनैल सिंह ने शिरकत की, जबकि विशिष्ट अतिथि के तौर पर कृष्ण कृपा जियो गीता भिवानी के जिला अध्यक्ष नरेश आहूजा उपस्थित रहे। इस दौरान अतिथियों ने वहां मौजूद सैकड़ों युवाओं को जीवन में कभी भी तंबाकू व अन्य नशीले पदार्थों का सेवन न करने की भावुक व दृढ़ शपथ दिलाई।

इस मौके पर बालयोगी महंत बालयोगी चरणदास महाराज ने कहा कि हमारा शरीर एक पवित्र मंदिर की तरह है, और नशा इसमें जहर घोलने का काम करता है। तंबाकू और अन्य नशीले पदार्थ न केवल मनुष्य की चेतना को नष्ट करते हैं, बल्कि उसके आध्यात्मिक और सामाजिक जीवन को भी अंधकार में धकेल देते हैं।

आज आवश्यकता इस बात की है कि हमारी युवा शक्ति अपनी ऊर्जा को नशे जैसी बुराई में बर्बाद करने के बजाय राष्ट्र और धर्म के उत्थान में लगाए। सिटी थाना एसएचओ जरनैल सिंह ने कहा कि कानून और पुलिस व्यवस्था अपराध को रोकने का काम करती है, लेकिन अपराध और सामाजिक बुराइयों की जड़ नशा है।

जब एक युवा नशे की लत में पड़ता है, तो वह न केवल अपना भविष्य बर्बाद करता है बल्कि अपने परिवार को भी कानूनी और मानसिक संकट में डाल देता है। पुलिस प्रशासन इस प्रकार के जागरूकता अभियानों की सराहना करता है। युवाओं को तंबाकू और सिगरेट जैसी शुरुआती लतों से दूर रहना होगा, क्योंकि यही आगे चलकर बड़े अपराधों की वजह बनती है।

कृष्ण कृपा जिओ गीता समिति के जिला अध्यक्ष नरेश आहुजा ने कहा कि श्रीमद्भगवद्गीता हमें कर्म और आत्म-नियंत्रण का मार्ग सिखाती है। नशे की गुलामी इंसान के आत्म-नियंत्रण को खत्म कर देती है। विश्व तंबाकू निषेध दिवस पर युवा जागृति एवं जन कल्याण मिशन ट्रस्ट का यह प्रयास बेहद सराहनीय है।

इस अवसर पर एसआई बिजेंद्र कुमार, हैड कांस्टेबल उमेश, नरीज, नवीन संजय कामरा, कृष्ण स्वाामी, राजीव मित्तल, संजय मित्तल, सुशील गुप्ता, सुनील गर्ग, राहुल, विवेक गोयल, घनश्याम शर्मा, सीताराम, योगाचार्य विक्रम सिंह, योगाचार्य आशुतोष, दीपक जांगड़ा सहित अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।