प्रमोद कुमार/कैमूर। बिहार की राजनीति और प्रशासनिक गलियारों में एक बड़ा नाम, राज्य के पूर्व आईपीएस अधिकारी विनय कुमार सिंह ने अब जमीनी स्तर से बदलाव का बिगुल फूंक दिया है। बिहार के मूल निवासी और वर्तमान में उत्तराखंड हाई कोर्ट द्वारा नियुक्त जेल सुधार समिति के अध्यक्ष, विनय कुमार सिंह ने महा परिवर्तन आंदोलन के जरिए बिहार के पंचायत चुनावों को एक नई दिशा देने का संकल्प लिया है।
बिहार की बदहाली और राजनीतिक विफलता
कैमूर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान विनय कुमार सिंह ने बिहार के पिछले 77 वर्षों के विकास पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 40 साल गरीबों के नाम पर, 15 साल सामाजिक न्याय और 20 साल सुशासन की सरकारें रहीं, फिर भी बिहार आज देश के 28 राज्यों में सबसे पिछड़ा क्यों है? उन्होंने स्पष्ट किया कि सत्तासीन राजनीतिक दलों ने अपनी महत्वाकांक्षाओं के लिए राज्य के विकास को हमेशा हाशिए पर रखा है।
महा परिवर्तन का रोडमैप
विनय कुमार सिंह ने नक्सल प्रभावित छह जिलों गया, औरंगाबाद, कैमूर, आरा, अरवल और जहानाबाद से इस आंदोलन की शुरुआत की है। उनका मानना है कि बिहार का कायाकल्प करने का रास्ता पंचायत स्तर से ही गुजरता है। उन्होंने एक त्रि-स्तरीय कार्ययोजना साझा की:
पारदर्शी चयन: प्रत्येक प्रखंड और पंचायत स्तर पर तीन-तीन लोगों की एक निष्पक्ष समिति बनाई जाएगी, जो पूरी तरह बेदाग और ईमानदार व्यक्ति की पहचान कर उसे मुखिया पद का उम्मीदवार बनाएगी।
- विकास के पांच स्तंभ:
- न्याय: गांव के झगड़ों का निपटारा गांव में ही सौहार्दपूर्ण तरीके से हो।
- शिक्षा: राज्य के हर स्कूल को नेतरहाट विद्यालय की तर्ज पर उत्कृष्ट बनाया जाए।
- स्वच्छता: हर गांव को पूर्ण रूप से स्वच्छ और मॉडल गांव बनाना।
- भ्रष्टाचार मुक्त शासन: सरकारी योजनाओं में व्याप्त भ्रष्टाचार को जड़ से खत्म करना।
- उम्मीदवार की छवि: चुनाव का आधार केवल जाति या दल नहीं, बल्कि उम्मीदवार का चरित्र और ईमानदारी होनी चाहिए।
ईमानदार मुखिया, विकसित बिहार
वर्ष 2001 से 2005 के बीच बिहार STF की स्थापना करने वाले विनय कुमार सिंह का कहना है कि आज मुखिया पद केवल योजनाओं में हेराफेरी और धन कमाने का माध्यम बनकर रह गया है। इस धारणा को बदलकर ही बिहार को प्रगति के पथ पर लाया जा सकता है। उनका यह आंदोलन बिहार की राजनीति में एक नए विकल्प की तलाश के रूप में देखा जा रहा है जो आने वाले पंचायत चुनावों में एक बड़ी चुनौती पेश कर सकता है।

