पिंजौर के ऐतिहासिक यादविंद्रा गार्डन में 33वें आम मेले का शानदार आगाज हो चुका है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इस तीन दिवसीय मेले का औपचारिक उद्घाटन कर प्रगतिशील किसानों की सराहना की।
पंचकूला। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पिंजौर स्थित ऐतिहासिक यादविंद्रा गार्डन में 33वें आम मेले का भव्य उद्घाटन किया है। इस विशेष मेले में हरियाणा के साथ-साथ पंजाब, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश समेत कुल पांच राज्यों के प्रगतिशील किसान हिस्सा लेने पहुंचे हैं। ये सभी आम उत्पादक अपने बागों की 200 से अधिक अनूठी किस्में प्रदर्शित कर रहे हैं। मेले के प्रथम दिन हरियाणवी गायक अमित सैनी रोहतकिया की सुरीली प्रस्तुति और विभिन्न सांस्कृतिक नृत्यों ने दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया है। इस दौरान मुख्यमंत्री ने बागवानी को बढ़ावा देने और किसानों की आय बढ़ाने के लिए आधुनिक तकनीकों को अपनाने पर जोर दिया है।
आमों की अनूठी किस्में और प्रतियोगिताएं
इस तीन दिवसीय भव्य मेले में देश के अलग-अलग हिस्सों से आए आमों के नाम आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। यहां विभिन्न मशहूर हस्तियों के नाम पर आम की प्रजातियां सजी हैं, जिसमें करीब आठ किलोग्राम वजन का एक भारी आम दर्शकों को खूब लुभा रहा है। मेले के परिसर में बच्चों के लिए सुंदर झूले, रंगोली, फेस पेंटिंग, पोस्टर मेकिंग और रोमांचक मैंगो ईटिंग जैसी अनेक मनोरंजक प्रतियोगिताएं आयोजित की जा रही हैं। इसके साथ ही पर्यटन मंत्री डॉक्टर अरविंद शर्मा ने बताया कि उत्कृष्ट उत्पादकों के लिए आम रत्न और आम केसरी जैसे प्रतिष्ठित पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे, जो बागवानों का हौसला बढ़ाएंगे।
कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीक का समावेश
मुख्यमंत्री सैनी ने अपने संबोधन में कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत का सपना खेतों के माध्यम से ही साकार होगा। आज का भारत अपनी परंपरा पर गर्व करते हुए ड्रोन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसी अत्याधुनिक तकनीकों को खेती में अपना रहा है। इससे मिट्टी की सेहत, सिंचाई के सही समय और मंडी की मांग का पूर्वानुमान आसानी से लगाया जा सकेगा। सरकार छोटे किसानों की लागत घटाने के लिए नए आम के बाग लगाने पर 42 हजार रुपये प्रति एकड़ की बड़ी सब्सिडी दे रही है। इसके अलावा कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने प्राकृतिक खेती पर जोर देते हुए कीटनाशकों के कम उपयोग की अपील की है।

