प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए भारत-ऑस्ट्रेलिया संबंधों को नई ऊंचाइयों पर पहुंचने का संदेश दिया। कार्यक्रम के दौरान ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज ने पीएम मोदी का गर्मजोशी से स्वागत करते हुए उन्हें अपना मित्र बताया। अपने संबोधन की शुरुआत प्रधानमंत्री मोदी ने हिंदी और गुजराती में सभी का अभिवादन करते हुए की और कहा, “यह कार्यक्रम हाउसफुल ही नहीं, ब्लॉकबस्टर है।”

सभा के दौरान जब भारतीय समुदाय ने “मोदी-मोदी” के नारे लगाए तो प्रधानमंत्री ने विनम्रता से कहा, “यह मोदी की नहीं, भारत और ऑस्ट्रेलिया के लोगों की जीत है।” उन्होंने कहा कि पिछले 12 वर्षों में यह उनका तीसरा ऑस्ट्रेलिया दौरा है, जो दोनों देशों के मजबूत होते रिश्तों का प्रमाण है।

एंथनी अल्बानीज को बताया भारत का सच्चा दोस्त

प्रधानमंत्री मोदी ने ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज का विशेष रूप से आभार जताते हुए कहा कि वे भारतीय समुदाय के प्रति उनके सम्मान और अपनत्व के लिए धन्यवाद के पात्र हैं। उन्होंने कहा कि अल्बानीज सिर्फ उनके ही नहीं, बल्कि पूरे भारत के सच्चे मित्र हैं।

यूरेनियम समझौते से भारत के क्लीन एनर्जी मिशन को मिलेगी रफ्तार

दोनों नेताओं की द्विपक्षीय बैठक में कई रणनीतिक समझौतों पर सहमति बनी। इनमें सबसे अहम सिविल न्यूक्लियर एनर्जी सहयोग है, जिसके तहत ऑस्ट्रेलिया भारत को व्यावसायिक स्तर पर यूरेनियम की आपूर्ति करेगा। इससे भारत के परमाणु ऊर्जा संयंत्रों को स्थिर ईंधन मिलेगा, बिजली उत्पादन बढ़ेगा और स्वच्छ ऊर्जा लक्ष्यों को गति मिलेगी।

क्रिटिकल मिनरल्स, टेक्नोलॉजी और गगनयान मिशन पर सहयोग

भारत और ऑस्ट्रेलिया ने क्रिटिकल मिनरल्स कॉरिडोर विकसित करने पर सहमति जताई। लिथियम, कोबाल्ट और अन्य महत्वपूर्ण खनिज इलेक्ट्रिक वाहन, बैटरी, रक्षा और नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्रों के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। इसके साथ ही साइबर सुरक्षा, क्रिटिकल टेक्नोलॉजी और मजबूत सप्लाई चेन के लिए ऑस्ट्रेलिया-इंडिया पार्टनरशिप (PACTS) शुरू करने का फैसला लिया गया।

दोनों देशों ने कोकोस (कीलिंग) द्वीप पर स्पेस ट्रैकिंग टर्मिनल स्थापित करने पर भी सहमति जताई, जिससे भारत के महत्वाकांक्षी गगनयान मिशन और भविष्य के अंतरिक्ष अभियानों को तकनीकी सहयोग मिलेगा।

इंडो-पैसिफिक, आतंकवाद और व्यापार पर साझा संकल्प

बैठक में दोनों नेताओं ने आतंकवाद, ऑनलाइन कट्टरपंथ और आतंक वित्तपोषण के खिलाफ मिलकर कार्रवाई करने का संकल्प दोहराया। साथ ही इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में शांति, स्थिरता और नियम-आधारित व्यवस्था बनाए रखने पर जोर दिया। दोनों देशों ने कॉम्प्रिहेंसिव इकोनॉमिक कोऑपरेशन एग्रीमेंट (CECA) और द्विपक्षीय निवेश संधि (BIT) को जल्द अंतिम रूप देने पर भी सहमति व्यक्त की। विशेषज्ञों का मानना है कि ये समझौते भारत की ऊर्जा सुरक्षा, रणनीतिक क्षमता और वैश्विक साझेदारी को नई मजबूती देंगे।

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