जालंधर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 1 फरवरी को पंजाब के जालंधर स्थित प्रसिद्ध धार्मिक स्थल ‘डेरा सचखंड बल्लां’ के दौरे पर आ रहे हैं। इस यात्रा के दौरान वे डेरा प्रमुख संत निरंजन दास जी का आशीर्वाद लेंगे। प्रधानमंत्री की यह यात्रा इसलिए भी खास है क्योंकि यह पहली बार होगा जब वे सतगुरु रविदास जी महाराज की जयंती के अवसर पर काशी (वाराणसी) के बाहर किसी अन्य धार्मिक स्थल पर मत्था टेकने पहुंचेंगे।
सियासी गलियारों में हलचल
प्रधानमंत्री का यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है, जब पंजाब विधानसभा चुनावों में लगभग एक साल का समय शेष है। इस कारण राजनीतिक विशेषज्ञ इसे केवल धार्मिक ही नहीं, बल्कि एक महत्वपूर्ण राजनीतिक कदम के रूप में भी देख रहे हैं। भाजपा की पंजाब में पैठ मजबूत करने की कोशिशों के तहत इस दौरे को काफी अहम माना जा रहा है।
वोट बैंक और चुनौतियां
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पश्चिम बंगाल के बाद पंजाब भाजपा के लिए सबसे बड़ी चुनौती वाला राज्य बना हुआ है। राज्य में पार्टी के पास अब तक कोई पारंपरिक बड़ा वोट बैंक नहीं है। ऐसे में डेरा सचखंड बल्लां, जिसका दलित समाज और विशेषकर रविदासिया समुदाय में गहरा प्रभाव है, वहां प्रधानमंत्री की मौजूदगी चुनावी समीकरणों को प्रभावित कर सकती है।

आदमपुर एयरपोर्ट के नाम बदलने की संभावना
चर्चा है कि इस दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी आदमपुर एयरपोर्ट का नाम बदलने की बड़ी घोषणा कर सकते हैं। इस संभावित एलान को लेकर विपक्षी दल भी पूरी तरह सतर्क हैं और स्थिति पर पैनी नजर बनाए हुए हैं। सुरक्षा एजेंसियों ने प्रधानमंत्री के आगमन को लेकर जालंधर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम शुरू कर दिए हैं।
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