शिखिल ब्यौहार, भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के दौरे को लेकर पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद और आक्रामक नजर आ रहा है। NEET परीक्षा में हुई गड़बड़ी को लेकर विरोध प्रदर्शन की आशंका के बीच, भोपाल पुलिस ने प्रदेश कांग्रेस कार्यालय (PCC) के अंदर घुसकर युवा कांग्रेस और NSUI के कार्यकर्ताओं की बड़े पैमाने पर धड़पकड़ की है।
कार्यालय के अंदर से जबरन उठाए गए कार्यकर्ता
मिली जानकारी के अनुसार, प्रदेश कांग्रेस कार्यालय (PCC) के अंदर शांतिपूर्वक बैठे हुए युवा कांग्रेस और NSUI के पदाधिकारी व कार्यकर्ताओं को पुलिस ने जबरन उठाना शुरू कर दिया। पुलिस की यह कार्रवाई इतनी सख्त थी कि करीब आधा दर्जन से अधिक कार्यकर्ताओं को पुलिस दफ्तर से घसीटते हुए बाहर ले गई। इस पूरी कार्रवाई के दौरान युवा कांग्रेस के बड़े नेता रवि परमार को पुलिसकर्मी कॉलर पकड़कर सड़क पर घसीटते हुए नजर आए। यह पूरी घटना मौके पर मौजूद कैमरों में कैद हो गई है।
कांग्रेस का गंभीर आरोप
इस बर्बर कार्रवाई पर कांग्रेस ने कड़ा ऐतराज जताया है। कांग्रेस नेताओं का सीधा आरोप है कि पुलिस ने बिना किसी वारंट या ठोस वजह के प्रदेश कांग्रेस कार्यालय के भीतर से कार्यकर्ताओं का एक तरह से अपहरण किया है। NEET घोटाले पर उठने वाली युवाओं की आवाज को दबाने के लिए सरकार पुलिसिया तंत्र का इस्तेमाल कर मनमानी कार्रवाई पर उतारू है।
हमें सड़क पर घसीटा, हम डरने वाले नहीं
रवि परमार, युवा कांग्रेस नेता ने कहा “हम छात्र हितों और NEET घोटाले के खिलाफ शांति से रणनीति बना रहे थे, लेकिन पुलिस ने गुंडों की तरह दफ्तर में घुसकर हमारी कॉलर पकड़ी और हमें सड़क पर घसीटा। हम डरने वाले नहीं हैं, छात्रों के हक की लड़ाई जारी रहेगी। डॉ. विक्रम चौधरी, प्रदेश प्रवक्ता ने कहा “लोकतंत्र में विपक्ष के दफ्तर के अंदर घुसकर इस तरह की कार्रवाई करना बेहद शर्मनाक है। पुलिस पूरी तरह से सरकार के इशारे पर काम कर रही है और युवाओं की आवाज को दबाया जा रहा है।
प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया
सजीव चौकसे, SHO, भोपाल ने कहा- VVIP मूवमेंट (केंद्रीय मंत्री के दौरे) को देखते हुए सुरक्षा के लिहाज से हमें कुछ गंभीर इनपुट्स मिले थे। कानून-व्यवस्था बनाए रखने और सुरक्षा कारणों से यह कार्रवाई की जा रही है। अब तक करीब 10 से 15 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया है।

