TMC में जारी अंदरूनी कलह के बीच पार्टी को बड़ा झटका लगा है. तृणमूल कांग्रेस में बंटवारे के बाद अब इसके बैंक अकाउंट्स को लेकर एक नई चुनौती सामने आई है. बागी विधायकों की शिकायत और पूर्व मंत्री अरूप विश्वास की पहल के बाद एचडीएफसी बैंक ने तृणमूल कांग्रेस के तीन बैंक खातों को फ्रीज कर दिया है. इन सभी बैंक खातों में 440 करोड़ रुपये जमा हैं.

पार्टी के पूर्व कोषाध्यक्ष अरूप बिस्वास ने इससे पहले एचडीएफसी बैंक को चिट्ठी लिखकर पार्टी के खातों पर रोक लगाने की मांग की थी. उनका कहना था कि पार्टी की असली लीडरशिप कौन है, इस पर अभी कोई साफ जवाब नहीं है.

पुलिस ने तृणमूल के तीन बैंक अकाउंट्स से पैसे निकालने की सुविधा पर रोक लगा दी है। नतीजतन, इन अकाउंट्स से कोई लेन-देन नहीं हो सकता. इसके बाद तृणमूल के बागी खेमे के कुछ विधायकों ने भी विधाननगर पुलिस की साइबर सेल को पत्र भेजकर पार्टी के खातों को फ्रीज करने की मांग की.

पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता ऋतब्रत बंद्योपाध्याय ने भी इस पूरे वित्तीय विवाद में अरूप विश्वास का खुलकर समर्थन करते हुए आरोप लगाया कि टीएमसी के इन खातों में कटमनी, चोरी या गबन का पैसा भी हो सकता है.

पश्चिम बंगाल में चुनावी हार के बाद TMC के भीतर की लड़ाई अब पार्टी के पैसे और संपत्तियों पर आ गई है. अरूप बिस्वास को इसी महीने इस पद से हटा दिया गया था. उनका यह पत्र बैंक को ऐसे समय पर लिखा गया जब TMC के 20 लोकसभा सांसदों ने NCPI में खुद के लिए विलय की घोषणा कर दी है.

2024-25 की ऑडिट रिपोर्ट के मुताबिक, TMC के पास कुल 1,081.78 करोड़ रुपये की संपत्ति है. पत्र में लिखा कि बैंक को पार्टी के खाते में यथास्थिति बनाए रखनी चाहिए और किसी भी तरह के डेबिट लेनदेन या खाते के संचालन नियमों में बदलाव पर रोक लगानी चाहिए.

दूसरी तरफ TMC का कहना है कि 5 जून को अरूप विश्वास को कोषाध्यक्ष पद से हटा दिया गया था और उनकी जगह पूर्व सांसद शुभाशीष चक्रवर्ती को यह जिम्मेदारी सौंपी गई थी. 

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