एसआर रघुवंशी, गुना। मध्य प्रदेश के गुना जिले में आयोजित बलराम महोत्सव के दौरान दिए गए एक बयान को लेकर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। गुना विधायक पन्नालाल शाक्य के कथित बयान पर आपत्ति जताते हुए चाचौड़ा विधायक प्रियंका पेंची ने मंच से ही विरोध दर्ज कराया। मामला सामने आने के बाद विधायक पन्नालाल शाक्य ने वीडियो जारी कर अपने बयान का स्पष्टीकरण दिया और कहा कि उनके कथन को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया है। हालांकि, सफाई के बाद भी विवाद थमता नजर नहीं आ रहा है।
दरअसल, गुना की नानाखेड़ी कृषि उपज मंडी में बलराम महोत्सव का आयोजन किया गया था। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने भोपाल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए किसानों को संबोधित किया। इसके बाद गुना विधायक पन्नालाल शाक्य और चाचौड़ा विधायक प्रियंका पेंची ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। इसी दौरान महिलाओं और माता सीता से जुड़े उदाहरण देते हुए विधायक शाक्य ने रामायण और महाभारत के प्रसंगों का उल्लेख किया। उन्होंने संबोधन में रामायण का उदाहरण देते हुए रावण का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उस समय रावण को उसके भाई समेत कई लोगों ने समझाया था कि पराई स्त्री को अपने पास रखना मृत्यु का कारण बन सकता है और उसे सम्मानपूर्वक वापस भेज देना चाहिए। इसके बाद उन्होंने महाभारत के प्रसंग का उल्लेख करते हुए द्रौपदी का उदाहरण दिया और कहा कि उस युद्ध में बड़ी संख्या में पुरुष मारे गए।
विवाद बढ़ने पर दी सफाई
विधायक ने आगे पृथ्वीराज चौहान और संयोगिता का भी उदाहरण दिया। इसी दौरान चाचौड़ा विधायक प्रियंका पेंची ने उन्हें बीच में रोकते हुए आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि महिलाओं ने भी देश और समाज के लिए बलिदान दिए हैं और इस तरह की बात कहना उचित नहीं है। कार्यक्रम में दोनों विधायकों के बीच हुई यह बातचीत चर्चा का विषय बन गई। विवाद बढ़ने के बाद पन्नालाल शाक्य ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर अपने बयान पर सफाई दी। उन्होंने कहा कि किसान सम्मेलन में उनकी कही गई बात का गलत अर्थ निकाला जा रहा है। विधायक के मुताबिक, उनका उद्देश्य महिलाओं को दोषी ठहराना नहीं था। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका आशय उन लोगों के कर्मों से था, जिन्होंने महिलाओं का अपमान किया और जिनके कर्मों के कारण उनका पतन हुआ।
MLA प्रियंका पेंची ने मंच से जताई थी आपत्ति
विधायक ने अपने स्पष्टीकरण में रामायण और महाभारत के प्रसंगों का संदर्भ देते हुए यह बताने की कोशिश की कि महिलाओं के अपमान और उनके प्रति गलत व्यवहार के परिणाम गंभीर हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि उनके बयान को संदर्भ से हटाकर पेश किया गया है, जिससे विवाद पैदा हुआ। वहीं चाचौड़ा विधायक प्रियंका पेंची ने अपने रुख पर कायम रहते हुए कहा कि महिलाओं के योगदान और बलिदान को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने मंच से ही विधायक के बयान पर आपत्ति जताई थी और इसे महिलाओं के सम्मान से जोड़कर देखा। कार्यक्रम के दौरान हुई इस नोकझोंक के बाद मामला राजनीतिक रूप से भी चर्चा में आ गया।
महिला कांग्रेस ने भी किया विरोध, इस्तीफे की मांग
इस विवाद को लेकर महिला कांग्रेस ने भी विरोध दर्ज कराया है। महिला कांग्रेस जिलाध्यक्ष सीमा यादव ने विधायक पन्नालाल शाक्य पर महिलाओं और माता सीता के अपमान का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि महिलाओं ने देश की आजादी और राष्ट्र रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर किया है। महिला कांग्रेस ने विधायक से अपने बयान के लिए माफी मांगने और पद से इस्तीफा देने की मांग की है।
रैली निकाल ज्ञापन सौंपेगी कांग्रेस
सीमा यादव ने चेतावनी दी कि यदि विधायक ने माफी नहीं मांगी तो महिला कांग्रेस गुना सहित पूरे मध्य प्रदेश में विरोध प्रदर्शन करेगी। संगठन की ओर से बुधवार को एसपी कार्यालय तक रैली निकालने और ज्ञापन सौंपने की बात भी कही गई है। ज्ञापन के माध्यम से विधायक के बयान को लेकर कार्रवाई की मांग की जाएगी। अब इस पूरे मामले में विधायक की सफाई और महिला कांग्रेस के विरोध के बाद राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। एक ओर विधायक का कहना है कि उनके बयान को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया और उनका उद्देश्य महिलाओं को दोषी ठहराना नहीं था। दूसरी ओर, कांग्रेस इसे महिलाओं के सम्मान से जुड़ा मुद्दा बताते हुए माफी और कार्रवाई की मांग कर रही है।

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