उत्तर प्रदेश के कैसरगंज से भाजपा के पूर्व सांसद के इन दिनों सपा में शामिल होने के कयास लगाए जा रहे हैं. लगातार बीते कुछ दिनों से राजनीतिक गलियारों और आम लोगों में ये संभावनाएं पनप रही है कि बृजभूषण सिंह समाजवादी पार्टी में शामिल होने वाले हैं. इसकी लगातार उनकी ओर से भाजपा के खिलाफ की जा रही बयानबाजी को माना जा रहा है. वे लगातार भाजपा पर इशारों इशारों में निशाना साध रहे हैं. वहीं दूसरी तरफ सपा की तारीफ कर रहे हैं. ऐसे में इस तरह के कयास लगाया जाना स्वाभाविक भी हो जाता है. हालही में उन्होंने एक कार्यक्रम में कहा था कि अगर किसी को लगता है हम भार बन चुके हैं तो एक बार कह दो मेरी जरूरत नहीं है.
पूर्व सांसद ने अपने संबोधन में कहा था कि आज सरकार की नजरों में हमारा कोई अस्तित्व नहीं है. हम अनुपयोगी लगते हैं. अगर किसी को ऐसा लगता है कि हम भार बन चुके हैं तो बस एक बार कह दो कि हमारी जरूरत नहीं. 2027 में कह दो. 2029 में कह देना. जब भी मन करे आकर कह दो. हम दिखा देंगे कि हमारी उपयोगिता है या नहीं. बृजभूषण सिंह ने मंच से क्षत्रियों को राजनीति में नजरअंदाज करने का मुद्दा उठाया. उन्होंने कहा कि अब समय ज्यादा समझाने का नहीं रह गया है. अब समय अपनी ताकत पहचानने का है. ये हमारी गलती है कि जब-जब हमें दबाया गया, हम मौन रहे. यही वजह है कि हमें तवज्जो नहीं दी जाती. ये हमारी कमी है कि हम अपने महापुरुषों कुंवर सिंह, महाराजा देवी बक्श सिंह, झांसी की रानी, बिरसा मुंडा को उचित स्थान नहीं दिलवा सके.
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इसलिए मिली कयासों को हवा
दरअसल, बीते दिनों बीजेपी विधायक अनुपमा जायसवाल ने अखिलेश यादव का पुतला फूंका था. जिसमें वो झुलस गईं थीं. जिसके बाद उनका हालचाल जानने के लिए अखिलेश यादव मेदांता अस्पताल पहुंचे थे. इस पर बृजभूषण ने अखिलेश की तारीफ की थी. उन्होंने इसे मुश्किल वक्त में राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी से संपर्क साधने को राजनीतिक परिपक्वता और नेतृत्व का उदाहरण करार दिया था. इन तारीफों से बृजभूषण के सपा में शामिल होने की बात को और बल मिल गया.
बृज भूषण शरण सिंह की ओर से की जा रही इस तरह की बयानबाजी से कई कयास लगाए जा रहे हैं. ऐसा कहा जा रहा है कि वह अपने बेटे प्रतीक भूषण को सरकार में और करण भूषण को संगठन में जगह दिलवाने की कोशिश कर रहे हैं. कुछ दिनों में यूपी सरकार के मंत्रिमंडल में विस्तार होना है. जिससे वह सरकार और संगठन दोनों पर दवाब डालने की कोशिश कर रहे हैं.
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