कृष्ण कुमार सैनी, चंडीगढ़: हरियाणा और पंजाब के मुख्यमंत्रियों के बीच जुबानी जंग एक बार फिर तेज हो गई है। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की ओर से हरियाणा में पेपर लीक गिरोह को लेकर लगाए गए आरोपों पर हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने तीखा पलटवार किया है। सैनी ने तंज कसते हुए कहा कि भगवंत मान को तो सपने में भी नायब सैनी पंजाब में नजर आता है।
दरअसल, भगवंत मान ने हरियाणा के मुख्यमंत्री के पंजाब में लगातार सक्रिय रहने पर निशाना साधते हुए कहा था कि ‘हरियाणे दा मुख्यमंत्री पंजाब फिरदा रहंदा, ओथे हरियाणा च पेपर लीक करान आले गैंग बने फिरदे।’ मान के इस बयान को लेकर अब नायब सैनी ने पलटवार करते हुए पंजाब सरकार को अपने राज्य के मुद्दों पर ध्यान देने की नसीहत दी है।
‘मान को सपने में भी नायब सैनी नजर आता है’
मुख्यमंत्री नायब सैनी ने भगवंत मान के बयान पर कटाक्ष करते हुए कहा कि पंजाब के मुख्यमंत्री को हरियाणा की इतनी चिंता है कि उन्हें सपने में भी नायब सैनी नजर आता है। सैनी ने इससे पहले भी मान पर निशाना साधते हुए कहा था कि पंजाब की जनता से किए वादों का हिसाब देने के बजाय वे हरियाणा की चिंता कर रहे हैं।
सैनी का पलटवार ऐसे समय में आया है जब दोनों राज्यों के बीच राजनीतिक बयानबाजी लगातार बढ़ रही है। पेपर लीक का मुद्दा अब केवल परीक्षा और भर्ती व्यवस्था तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि दोनों राज्यों की सरकारों के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का नया मोर्चा बनता दिखाई दे रहा है।
पेपर लीक पर सैनी ने भी मान से मांगा जवाब
भगवंत मान के आरोपों पर नायब सैनी ने सवाल उठाया कि यदि पंजाब के मुख्यमंत्री को वास्तव में हरियाणा के भिवानी में पेपर लीक गिरोह के सक्रिय होने की जानकारी है तो पंजाब सरकार अपनी पुलिस के जरिए कार्रवाई क्यों नहीं करती।
सैनी ने इसी सवाल के जरिए मान के आरोपों की गंभीरता पर सवाल खड़ा किया। उन्होंने कहा कि अगर पंजाब सरकार के पास इस संबंध में कोई ठोस जानकारी है तो उसे केवल राजनीतिक बयान देने के बजाय कार्रवाई के लिए आगे आना चाहिए।
पंजाब की राजनीति में सैनी की सक्रियता भी बनी मुद्दा
नायब सैनी के पंजाब को लेकर दिए जा रहे बयानों और लगातार पंजाब दौरों ने भी पड़ोसी राज्य की राजनीति में चर्चा बढ़ा दी है। हाल ही में कांग्रेस नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने सैनी के पंजाब दौरों को लेकर उन्हें ‘पार्ट टाइम मुख्यमंत्री’ तक कह दिया था। रिपोर्टों के मुताबिक, सैनी ने पिछले सात महीनों में पंजाब के करीब 70 दौरे किए हैं।
वहीं, सैनी पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि आगामी पंजाब विधानसभा चुनाव में बीजेपी अपने दम पर चुनाव लड़ेगी। ऐसे में पंजाब में बीजेपी की राजनीतिक जमीन मजबूत करने की कोशिशों के बीच सैनी की सक्रियता को राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
2027 से पहले बढ़ रही सियासी तकरार
पंजाब में विधानसभा चुनाव 2027 में होने हैं। ऐसे में आम आदमी पार्टी की सरकार और बीजेपी के बीच राजनीतिक मुकाबला धीरे-धीरे तेज हो रहा है। हरियाणा के मुख्यमंत्री का पंजाब में सक्रिय होना और भगवंत मान का हरियाणा सरकार पर लगातार निशाना साधना इसी बड़े राजनीतिक परिदृश्य का हिस्सा माना जा सकता है।
पेपर लीक जैसे संवेदनशील मुद्दे पर दोनों मुख्यमंत्रियों की सीधी बयानबाजी ने इस टकराव को और धार दे दी है। एक तरफ मान हरियाणा की भर्ती और परीक्षा व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं, तो दूसरी तरफ सैनी पंजाब सरकार को उसके चुनावी वादों और राज्य के मुद्दों पर जवाब देने की चुनौती दे रहे हैं।
यानी पेपर लीक से शुरू हुई यह जुबानी जंग अब हरियाणा-पंजाब की सियासत, नेताओं की एक-दूसरे के राज्यों में सक्रियता और 2027 के चुनावी समीकरणों तक पहुंचती दिखाई दे रही है।
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