हेमंत शर्मा, इंदौर। प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर के प्रस्तावित कार्यक्रम से पहले इंदौर में पोस्टर पॉलिटिक्स ने नया रंग ले लिया है। सांवेर विधानसभा क्षेत्र में आयोजित भूमि पूजन और लोकार्पण कार्यक्रम के लिए लगाए गए बड़े-बड़े होर्डिंग्स और स्वागत पोस्टरों में भाजपा के कई नेताओं को जगह दी गई है, लेकिन प्रदेश सरकार के वरिष्ठ मंत्री और इंदौर भाजपा के सबसे प्रभावशाली नेताओं में गिने जाने वाले कैलाश विजयवर्गीय की तस्वीर नजर नहीं आ रही है।
राजनीतिक चर्चा का बाजार गर्म
यह कार्यक्रम कैबिनेट मंत्री तुलसीराम सिलावट के विधानसभा क्षेत्र सांवेर में आयोजित किया गया है। कार्यक्रम स्थल के आसपास लगाए गए पोस्टरों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर और मंत्री तुलसीराम सिलावट सहित कई नेताओं के फोटो प्रमुखता से लगाए गए हैं, लेकिन कैलाश विजयवर्गीय की तस्वीर न होने से राजनीतिक चर्चा का बाजार गर्म हो गया है।
भाजपा के अंदरूनी समीकरणों पर उठे सवाल
राजनीतिक जानकारों का कहना है कि इंदौर और मालवा की राजनीति में कैलाश विजयवर्गीय का प्रभाव किसी से छिपा नहीं है। ऐसे में उनके बिना पोस्टर लगाए जाने को लेकर कई तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं। खासकर तब, जब कार्यक्रम प्रदेश सरकार का बड़ा आयोजन माना जा रहा है और इसमें हजारों लोगों के जुटने की संभावना है।
कांग्रेस से भाजपा में आए थे तुलसी सिलावट
तुलसीराम सिलावट उन नेताओं में शामिल हैं जिन्होंने वर्ष 2020 में कांग्रेस छोड़कर भाजपा का दामन थामा था। ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ भाजपा में आने के बाद वे लगातार सांवेर क्षेत्र में अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करने में जुटे हुए हैं। ऐसे में उनके विधानसभा क्षेत्र में आयोजित इस बड़े कार्यक्रम के पोस्टरों से कैलाश विजयवर्गीय की तस्वीर का गायब होना कई राजनीतिक संदेशों की ओर इशारा करता दिखाई दे रहा है।
क्या यह सिर्फ चूक या फिर सियासी संकेत?
भाजपा नेताओं की ओर से इसे सामान्य आयोजन व्यवस्था की बात बताया जा सकता है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इसे महज संयोग मानने को तैयार लोग कम हैं। सवाल यह भी उठ रहा है कि क्या यह सिर्फ पोस्टर लगाने वालों की चूक है या फिर इसके पीछे कोई राजनीतिक रणनीति छिपी हुई है।
कुर्सी पर कैबिनेट मंत्री विजयवर्गीय के नाम की स्लिप
फिलहाल कार्यक्रम से पहले पोस्टरों को लेकर शुरू हुई यह चर्चा इंदौर की राजनीति में नई बहस छेड़ चुकी है। अब निगाहें इस बात पर हैं कि भाजपा संगठन या कार्यक्रम आयोजकों की ओर से इस मामले पर कोई सफाई सामने आती है या नहीं। हालांकि कार्यक्रम स्थल के मंच पर लगी कुर्सियों पर कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के नाम की स्लिप लगी हुई है याने की कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय की कार्यक्रम में शामिल भी हो रहे है


