राजकुमार पाण्डेय की कलम से
विपक्ष को भी तबादला नहीं तबादले करवाना है
ये खबर सोलाना सही है. विपक्ष में रहकर आए दिन सत्तापक्ष पर सवाल खड़े करने वाले नेताजी इन दिनों तबादलों में बिजी हैं. तबादलों की प्रक्रिया 1 जून से शुरू होगी, लेकिन तबादलों के लिए मेल-मुलाकातों का दौर अभी से शुरू कर दिया गया है. तबादलों को लेकर नेताजी का कहना है इससे पार्टी का कोई लेना देना नहीं है. पार्टी का अलग काम है और नेताजी का खुद का अलग काम.
नई प्रक्रिया के लिए अलग से पूरा कक्ष
मप्र में एक जून से 15 दिन के लिए मंत्रीजी का स्टाफ पूरी तरह से बिजी रहेगा. इसके लिए बंगले में सेपरेट कक्ष तैयार किया जा रहा है. बताया जा रहा है 15 दिन की प्रक्रिया इसी कक्ष से संचालित होगी. तैयारी इस तरह की जा रही है कि कक्ष बंगले का सबसे सेंसेटिव जोन होगा और बिना इजाजत वहां परिंदा भी ‘पर’ नहीं मार सकेगा.
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गेहूं नहीं तुला तो कलेक्ट्रोरेट में ढेर लगवा दूंगा
भोपाल संभाग की एक मंडी में गेहूं तुलाई की प्रक्रिया सबके लिए समान ही होती है. नेताजी का गेहूं, मंडी पहुंचा तो तुलाई के लिए प्राथमिकता की डिमांड आ गई. सुनवाई नहीं हुई तो भाजपा नेता खुद ट्रैक्टर पर सवार होकर मंडी पहुंच गए. चेतावनी दी कि जल्द गेहूं नहीं तुला तो कलेक्टर कार्यालय में खाली कर दिया जाएगा. पूरा तुलाई सिस्टम हरकत में आया और मिनटों में गेहूं की तुलाई हो गई.
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बिना आग कांग्रेस में धुआं
आग लगेगी ही नहीं और धुआं जमकर उठ रहा है. ऐसी तस्वीर कांग्रेस में देखने को मिली है. यह धुआं पार्टी के एक क्षत्रप के बयान से उठा है. बयान ऐसा छोड़ा गया कि कानाफूसी पूरे प्रदेश में हो गई. बयान में कहा गया कि महाराज की पार्टी में वापसी हुई तो वो अपनी पार्टी को राम-राम कह देंगे. नेताजी ने बयान दिये तो समर्थकों ने होम में घी डाल दिया. हालांकि पार्टी में भी यह जोर-जोर से कहा जा रहा है कि जब यह सुनिश्चित है कि आग लगेगी ही नहीं तो जबरन धुआं क्यों दिखाया जा रहा है.

