कैथल, 8 अगस्त। गर्भवती एवं धात्री महिलाओं के स्वास्थ्य, पोषण तथा सुरक्षित मातृत्व को बढ़ावा देने के उद्देश्य से भारत सरकार द्वारा प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (पीएमएमवीवाई) संचालित की जा रही है। योजना के तहत पात्र महिलाओं को गर्भावस्था एवं शिशु जन्म के दौरान आवश्यक देखभाल के लिए आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है।
डीसी अपराजिता ने बताया कि योजना के तहत निर्धारित शर्तें पूरी करने वाली पात्र लाभार्थी महिलाओं को कुल 5 हजार रुपये तक की वित्तीय सहायता सीधे उनके बैंक खाते में डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से प्रदान की जाती है। इसके अतिरिक्त, बेटी के जन्म पर निर्धारित पात्रता पूरी होने पर प्रोत्साहन राशि का भी प्रावधान है।
उन्होंने बताया कि योजना के अंतर्गत पहली किस्त गर्भावस्था के पंजीकरण, दूसरी किस्त प्रसव पूर्व जांच तथा तीसरी किस्त बच्चे के जन्म के पंजीकरण एवं प्रथम टीकाकरण जैसी निर्धारित शर्तों की पूर्ति पर प्रदान की जाती है। योजना का मुख्य उद्देश्य गर्भवती महिलाओं को समय पर स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ना, कुपोषण को कम करना तथा सुरक्षित मातृत्व को बढ़ावा देना है।
डीसी अपराजिता ने जिले की सभी पात्र गर्भवती एवं धात्री महिलाओं से आह्वान किया कि वे प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना का लाभ अवश्य उठाएं। उन्होंने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, आशा कार्यकर्ताओं तथा स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि पात्र महिलाओं का समय पर पंजीकरण सुनिश्चित करें और उन्हें योजना के लाभ एवं पात्रता संबंधी जानकारी उपलब्ध करवाएं, ताकि कोई भी पात्र महिला योजना के लाभ से वंचित न रहे।
उन्होंने बताया कि योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए पात्र महिलाएं अपने नजदीकी आंगनवाड़ी केंद्र, स्वास्थ्य संस्थान अथवा महिला एवं बाल विकास विभाग के कार्यालय से संपर्क कर सकती हैं।
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