Lifestyle Desk – मानसून अपने साथ जहां मौसम की ठंडक और राहत लेकर आता है, वहीं इस दौरान कई तरह की मौसमी बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है. बारिश के मौसम में जगह-जगह पानी जमा होने से मच्छर तेजी से पनपते हैं, जबकि नमी और दूषित पानी एवं खानपान के कारण बैक्टीरिया और वायरस भी तेजी से फैलते हैं. ऐसे में डेंगू, मलेरिया, वायरल फीवर, फूड पॉइजनिंग और पेट से जुड़ी समस्याओं का जोखिम बढ़ जाता है. इसलिए इस मौसम में सभी लोगों को अपनी सेहत का खास ध्यान रखने की सलाह दी जाती है, लेकिन गर्भवती महिलाओं के लिए अतिरिक्त सावधानी बरतना बेहद जरूरी है.

प्रेग्नेंसी के दौरान महिला की रोग प्रतिरोधक क्षमता में कई बदलाव आते हैं. इस समय मां के साथ-साथ गर्भ में पल रहे शिशु का स्वास्थ्य भी पूरी तरह मां के खानपान और जीवनशैली पर निर्भर करता है. ऐसे में डॉक्टर भी संतुलित और पोषक तत्वों से भरपूर आहार लेने की सलाह देते हैं, ताकि इम्यूनिटी मजबूत रहे और संक्रमण का खतरा कम हो सके. आइए जानते हैं ऐसे 6 फूड्स के बारे में, जिन्हें मानसून में प्रेग्नेंट महिलाओं को अपनी डाइट का हिस्सा बनाना चाहिए.
विटामिन C से भरपूर फल
संतरा, अमरूद, कीवी, अनार और सेब जैसे फल शरीर को जरूरी विटामिन C और एंटीऑक्सीडेंट प्रदान करते हैं. ये इम्यूनिटी को मजबूत बनाने के साथ संक्रमण से बचाव में भी मदद करते हैं. हालांकि फलों को खाने से पहले अच्छी तरह धोना जरूरी है.
हरी पत्तेदार सब्जियां
पालक, मेथी और चौलाई जैसी हरी सब्जियां आयरन, फोलेट, कैल्शियम और फाइबर से भरपूर होती हैं. ये मां और शिशु दोनों के बेहतर विकास के लिए फायदेमंद हैं. मानसून में इन्हें अच्छी तरह धोकर और पूरी तरह पकाकर ही खाना चाहिए.
दही और प्रोबायोटिक फूड्स
दही में मौजूद प्रोबायोटिक्स पाचन तंत्र को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं. इससे पेट संबंधी समस्याओं का खतरा कम होता है और शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी समर्थन मिलता है. अगर सर्दी या किसी अन्य समस्या की आशंका हो तो डॉक्टर की सलाह के अनुसार इसका सेवन करें.
प्रोटीन से भरपूर आहार
दालें, चना, राजमा, पनीर, सोया, अंडा और अच्छी तरह पका हुआ चिकन या मछली (यदि डॉक्टर ने अनुमति दी हो) शरीर को पर्याप्त प्रोटीन देते हैं. प्रोटीन गर्भ में पल रहे शिशु की कोशिकाओं और अंगों के विकास के लिए बेहद जरूरी होता है.
ड्राई फ्रूट्स और बीज
बादाम, अखरोट, कद्दू के बीज और अलसी जैसे खाद्य पदार्थ हेल्दी फैट, ओमेगा-3 फैटी एसिड और कई जरूरी मिनरल्स का अच्छा स्रोत हैं. इनका सीमित मात्रा में सेवन मां और बच्चे दोनों के लिए लाभकारी हो सकता है.
साबुत अनाज
ओट्स, दलिया, ब्राउन राइस और मल्टीग्रेन आटे से बनी रोटियां शरीर को लंबे समय तक ऊर्जा देने के साथ-साथ फाइबर भी उपलब्ध कराती हैं. इससे पाचन बेहतर रहता है और कब्ज जैसी समस्याओं से राहत मिल सकती है.
इन बातों का भी रखें ध्यान
मानसून के दौरान बाहर का खुला और बासी खाना खाने से बचें. केवल ताजा और घर का बना भोजन ही खाएं। पर्याप्त मात्रा में साफ, उबला या फिल्टर किया हुआ पानी पिएं. कच्चे या अधपके भोजन का सेवन न करें और किसी भी नए सप्लीमेंट या डाइट प्लान को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें. सही खानपान, स्वच्छता और संतुलित जीवनशैली अपनाकर गर्भवती महिलाएं मानसून में खुद को और अपने होने वाले शिशु को कई मौसमी संक्रमणों से सुरक्षित रखने में मदद कर सकती हैं.

