उत्तराखंड कैबिनेट ने मजदूरी संहिता नियमावली लागू करने को मंजूरी दी है, जिसमें पुरुषों और महिलाओं के लिए समान काम पर समान वेतन का प्रावधान है। बैठक में गो-पालन योजना के विस्तार और हल्द्वानी में उच्च न्यायालय परिसर के लिए 30 हेक्टेयर भूमि समेत 16 प्रस्तावों पर निर्णय हुआ।

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में सचिवालय में हुई कैबिनेट बैठक में श्रमिकों, पशुपालकों, खेल और न्यायिक ढांचे से जुड़े कई अहम फैसले लिए गए। बैठक में रखे गए 17 विषयों में से 16 पर निर्णय हुआ।

अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव को देखते हुए धामी सरकार ने विभिन्न वर्गों से जुड़े फैसलों पर जोर दिया है। कैबिनेट के निर्णयों में श्रमिक अधिकारों का संरक्षण, ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका के अवसर बढ़ाना, खेल सुविधाओं का विस्तार और न्यायिक ढांचे को मजबूत करने से जुड़े प्रस्ताव शामिल रहे।

समान काम पर समान वेतन

संगठित और असंगठित क्षेत्र के हजारों श्रमिकों के आर्थिक एवं सामाजिक हितों की सुरक्षा के लिए कैबिनेट ने उत्तराखंड मजदूरी संहिता नियमावली लागू करने को मंजूरी दी है। इसमें लैंगिक भेदभाव खत्म करने के उद्देश्य से पुरुषों और महिलाओं को समान कार्य के लिए समान वेतन देने की व्यवस्था की गई है।

नियमावली में न्यूनतम मजदूरी की व्यवस्था के साथ ओवरटाइम के लिए दोगुनी मजदूरी का प्रावधान है। इसके अलावा हर महीने की सात तारीख तक डिजिटल माध्यम से मजदूरी भुगतान और दावों के निस्तारण के लिए सुगम व्यवस्था का भी प्रावधान किया गया है।

गो-पालन योजना का विस्तार

ग्रामीण क्षेत्रों में उद्यमिता को बढ़ावा देने और पलायन रोकने के उद्देश्य से पशुपालन विभाग की गो-पालन योजना में संशोधन किया गया है। अब अनुसूचित जाति और जनजाति के साथ सामान्य वर्ग के पशुपालकों को भी योजना में शामिल किया गया है।

एक गाय की खरीद के लिए पहले निर्धारित 40 हजार रुपये की राशि बढ़ाकर 60 हजार रुपये कर दी गई है। अब गाय के साथ भैंस की खरीद भी की जा सकेगी और सरकार अधिकतम दो पशुओं के लिए अनुदान देगी।

अनुसूचित जाति और जनजाति के लिए पहले की तरह 90-10 के अनुपात में अनुदान मिलेगा। सामान्य वर्ग के लिए 60-40 का अनुपात तय किया गया है, जिसमें 60 प्रतिशत राशि सरकार और बाकी 40 प्रतिशत लाभार्थी वहन करेगा।

योजना के तहत इस वर्ष 2128 पशुपालकों को लाभ मिलेगा। इससे सरकार पर 9।78 करोड़ रुपये का व्ययभार आएगा।

लामाचौड़ में हाईकोर्ट परिसर

उत्तराखंड उच्च न्यायालय को नैनीताल से हल्द्वानी के गौलापार स्थानांतरित करने का निर्णय पहले लिया गया था। बाद में उच्च न्यायालय ने जिलाधिकारी नैनीताल की स्थल निरीक्षण आख्या के आधार पर तराई केंद्रीय वन प्रभाग की भाखड़ा रेंज के लामाचौड़ ब्लाक में हल्द्वानी-रुद्रपुर राजमार्ग से लगी 73 हेक्टेयर भूमि को उच्च न्यायालय परिसर के लिए उपयुक्त बताया था।

उच्च न्यायालय की ओर से इसमें से 40 हेक्टेयर भूमि हस्तांतरित करने का अनुरोध किया गया था। कैबिनेट में न्याय विभाग के प्रस्ताव पर चर्चा के बाद लामाचौड़ में 30 हेक्टेयर भूमि हस्तांतरित करने का निर्णय लिया गया।

कैबिनेट के अन्य फैसले

कैबिनेट ने हल्द्वानी में राज्य क्रीड़ा विश्वविद्यालय के संचालन के लिए 122 पदों के सृजन को मंजूरी दी है। वन विकास निगम में स्केलर संवर्ग की भर्ती के लिए लिखित परीक्षा आयोजित की जाएगी।

हरिद्वार तक गंगा एक्सप्रेसवे के लिए उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के बीच एमओयू किया जाएगा। इसके साथ ही उत्तराखंड औद्योगिक संबंध नियमावली-2026 को स्वीकृति और जीएसटी अधिनियम में संशोधन संबंधी अध्यादेश को मंजूरी दी गई है।

अनुसूचित जाति और जनजाति के छात्रावासों के संचालन के लिए नई नियमावली को भी कैबिनेट ने मंजूरी दी है।